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मुंबई में चमड़े के बैग ले जा रहे युवक को गोरक्षकों ने किया परेशान

Sun, 21 Aug 2016 05:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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सांकेतिक चित्र
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देश में बीते दो साल के दौरान गोरक्षकों से संबंधित अनेक मामले सामने आए हैं। कहीं, मारपीट की घटनाएं हुई हैं तो कहीं लोगों को जान भी गंवानी पड़ी है। गोरक्षा को लेकर देश में कई घटनाएं हुई लेकिन अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी इस तरह का मामला सामने आया है जहां चमड़े के बैग के कारण एक युवक कथित गोरक्षकों के चंगुल में फंस गया और आटो वाले से परेशानी झेलनी पड़ी। अब यह मामला पुलिस थाने पहुंच गया है।
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मुंबई में असम का युवक वरुण कश्यप को एक आटो चालक ने उसके बैग को गाय के चमड़े से बना समझकर कथित गोरक्षकों से उलझा दिया। वरुण शनिवार की सुबह काम पर जाने के लिए चौराहे से आटो रिक्शा पकड़ा। आटो वाले ने वरुण से पूछा कि तुम्हारा कौन सा गांव है तो उसने बताया असम। आटो वाले को यह भी पता नहीं था कि असम कहां है। लेकिन, उसे जल्द ही ध्यान आ गया कि बांग्लादेश से सटा एक राज्य असम है। इसके बाद उसने अगले स्टाप पर रिक्शा रोक दिया और वरुण कश्यप की बैग को ध्यान से देखने लगा। 

आटो रिक्शा वाले ने पूछा कि क्या यह बैग गाय के चमड़े की है। यह सुनकर वरुण सहम गया। लेकिन, रिक्शा वाले को बताया कि उसने यह बैग राजस्थान के पुष्कर से खरीदा है और यह ऊंट के चमड़े का बैग है। परन्तु, रिक्शा वाला इससे संतुष्ट नहीं हुआ। सिंगनल होने के बाद उसने आटो आगे बढ़ाया और फिर कहा कि तुम्हारे जैसे लोगों की वजह से गोहत्या को प्रोत्साहन मिलता है। इस बातचीत के बीच वरुण के आफिस के नजदीक ही एक छोटे से मंदिर के सामने उसने आटो रिक्शा रोका। वरुण कुछ बोलता उससे पहले ही मंदिर के सामने सिगरेट पीते हुए तीन युवकों की तरह आटो वाले ने इशारा किया। तीनो युवक माथे पर लाल फीता बांधे हुए थे। तीनो रिक्शे के पास आकर मराठी में बोलने लगे। 
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वरुण को मराठी नहीं आती थी इसलिए उनकी बात समझ नहीं पाया। लेकिन, आटो रोकने पर वरुण ने विरोध किया। उसके बाद तीनों ने वरुण को आटो से उतरने के लिए कहा। वरुण ने उतरने से इनकार कर दिया। इतने में एक युवक ने उसके बैग की तलाशी शुरू कर दी। वरुण को इससे झटका लगा। बैग की तलाशी के बाद युवकों ने नाम पूछा। उसने अपना नाम बताया वरुण कश्यप भूयान। उसके बाद युवको ने मराठी में कुछ बात की।
     
वरुण को मराठी में बातचीत में ब्राह्मण शब्द का उच्चारण समझ में आया। शायद तीनों युवको को लगा कि वरुण ब्राह्मण है। पूछताछ के बाद तीनों युवकों ने रिक्शा वाले को बुलाया और जाने के लिए कहा। उसके बाद वरुण अपने आफिस के पास आटो से उतरा लेकिन आटो रिक्शे का नंबर लेना नहीं भूला। वरुण ने आटो वाले से उसका मोबाइल नंबर भी पूछा और उसने बड़े गर्व के साथ अपना नंबर दे दिया। साथ ही उसने धमकी भी दी कि आज तो बच गए। उसके बाद वरुण ने इस पूरी घटना की जानकारी अंधेरी के डी.एन.नगर पुलिस थाने में दी और एफआईआर दर्ज कराई है।
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