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गांधी जी का पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन' अब कश्मीरी भाषा में भी

Fri, 02 Oct 2020 04:39 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महात्मा गांधी - फोटो : फाइल फोटो
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महात्मा गांधी की 151वीं जन्मतिथि के मौके पर बापू का पसंदीदा भजन वैष्णव जन का कश्मीरी संस्करण लाया जा रहा है। पिछले 30 वर्षों से अशांत इस क्षेत्र में शांति का संदेश फैलाने के लिए जारी किया जा रहा है।

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600 साल पहले गुजराती कवि-संत नरसिंह मेहता के द्वारा लिखी यह भक्ति कविता, मानवता, सहानुभूति और सत्यता के बारे में बताती है, जिस पर गांधी जी हमेशा खड़े रहे और लोगों को इन्हीं सिद्धांतों पर चलने की सलाह दी।

यही वजह है कि सामाजिक कार्यकर्ता कुसुम कौल व्यास लोकप्रिय कश्मीरी गायक गुलजार अहमद गनेई और लेखक शाजा हकबारी के साथ महात्मा गांधी की 151 वीं जयंती पर इसे जारी करना चाहती हैं और लोगों तक पहुंचाना चाहती हैं।
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कुसुम कौल व्यास ने कहा कि यह मूल रूप से एक गुजराती गीत है और इतने सारे लोग यह समझने में सक्षम नहीं हैं कि इसका वास्तव में क्या मतलब है?  

मैंने सोचा कि अगर मैं इस गाने को कश्मीरी भाषा में अनुवाद करवा सकूं तो शायद शांति और सौहार्द का संदेश लोगों तक पहुंच जाए। शायद उनमें से कुछ लोग इस गाने के बारे में सोचना शुरू कर देंगे और गांधीजी को यह भजन क्यों पसंद आया।

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