केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध बयान देने पर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि के मामले की सुनवाई कर रही एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को उन्हें इस दिन की पेशी से छूट दे दी। मजिस्ट्रेट अदालत ने पिछले महीने गांधी को सम्मन जारी किया था और उन्हें अपना बचाव करने के लिए शुक्रवार को पेश होने को कहा था।
स्थानीय भाजपा पार्षद कृष्णावदान ब्रह्मभट्ट ने गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। शुक्रवार को गांधी के वकील ने पेशी से छूट के लिए आवेदन दायर किया और कहा कि राहुल नहीं आ सकते क्योंकि उन्हें शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक समेत कई अहम बैठकों में हिस्सा लेना है।
हालांकि, ब्रह्मभट्ट के वकील ने इस अर्जी का विरोध किया, लेकिन अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आरबी इतालिया ने गांधी के वकील का अनुरोध स्वीकार कर लिया और कहा कि यह बस पहली सुनवाई है। न्यायाधीश ने गांधी को 11 अक्तूबर को पेश होने का निर्देश दिया।
ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया है कि 23 अप्रैल को जबलपुर में एक चुनावी सभा में गांधी ने कहा था , ‘हत्यारोपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वाह, क्या शान है।’ उन्होंने कहा कि यह मानहानिकारक है क्योंकि शाह को सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ कांड में बरी कर दिया गया था।