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नए संसद भवन का उद्घाटन: विपक्ष के बहिष्कार के खिलाफ खड़े हुए पूर्व नौकरशाह-राजदूत, बोले- यह अलोकतांत्रिक तेवर

Sat, 27 May 2023 11:14 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

New Parliament Inauguration Controversy : नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के लिए 270 नागरिकों ने विपक्ष की निंदा की। इसमें 88 सेवानिवृत्त नौकरशाह, 100 प्रतिष्ठित नागरिक और 82 अकादमी जगत के लोग शामिल हैं। 
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नया संसद भवन। - फोटो : PTI
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विस्तार
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नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर लगातार सियासी बवाल मचा हुआ है। दरअसल, 28 मई को पीएम मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। इस पर कई राजनीतिक दलों ने समारोह का बहिष्कार किया है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि पीएम की बजाय राष्ट्रपति को उद्घाटन करना चाहिए। वहीं, बहिष्कार करने पर देश के 260 से अधिक प्रतिष्ठित लोगों ने विपक्षी दलों की निंदा की है।

इन लोगों ने किया बयान जारी

बता दें, नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार करने के लिए 270 नागरिकों ने विपक्ष की निंदा की। इसमें 88 सेवानिवृत्त नौकरशाह, 100 प्रतिष्ठित नागरिक और 82 अकादमी जगत के लोग शामिल हैं। इन लोगों ने एक संयुक्त बयान जारी करके विपक्ष की आलोचना की है। संयुक्त बयान जारी करने वालों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के पूर्व निदेशक वाईसी मोदी, पूर्व आईएएस अधिकारी आरडी कपूर, गोपाल कृष्ण और समीरेंद्र चटर्जी के अलावा लिंगया विश्वविद्यालय के कुलपति अनिल रॉय दुबे शामिल हैं।

गर्व का अवसर

बयान में कहा गया है कि नए संसद भवन का उद्घाटन समारोह सभी भारतीयों के लिए एक गर्व का अवसर है। लेकिन विपक्षी दल इस अवसर पर राजनीति करने में लगा है। उनके खोखले दावे और बेबुनियाद तर्क समझ से परे हैं। इन प्रतिष्ठित नागरिकों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी उद्घाटन कर रहे हैं और इसके आधार पर समारोह का बहिष्कार करने वाले लोग खुलेआम लोकतंत्र की भावनाओं को चोट पहुंचा रहे हैं। 

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संसद भवन के अंदर की एक्सक्लूसिव तस्वीरें यहां देखें- उद्घाटन से पहले नए संसद भवन की देखें तस्वीरें
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राष्ट्रपति का कई बार अपमान

इस बयान में उन मौकों का भी जिक्र किया गया है, जब कांग्रेस सहित कई कई विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया था। बयान में कहा गया है कि विपक्षी दलों ने साल 2017, 2020, 2021 और 2022 में भी बहिष्कार किया था। बयान में कहा गया कि विपक्षी दल आज राष्ट्रपति को लेकर अपनी हमदर्दी बयान कर रहे हैं, लेकिन तब ये लोग उनके सम्मान के लिए क्यों नहीं खड़े हुए जब कांग्रेस के नेता ने उन्हें राष्ट्रपत्नी बोला था। 

270 प्रतिष्ठित नागरिकों ने कहा कि विपक्ष अपनी उस नीति से बाज नहीं आ रहा है, जिसके तहत वह प्लेकार्ड दिखाते हुए किसी भी चीज का विरोध करता है। कई बार इन दलों ने लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का इसी तरह अपमान किया है। 

पहले भी कार्यक्रम से दूर रहा था विपक्ष

गौरतलब है, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हाल में प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और उन्हें नए संसद भवन का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किया था। मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। मोदी ने साल 2020 में इस भवन का शिलान्यास भी किया था और ज्यादातर विपक्षी दल उस समय भी कार्यक्रम से दूर रहे थे।

 

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