महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस-एनसीपी छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए करीब दर्जन भर विधायक अब वापस पुरानी पार्टियों में वापसी को तैयार हैं। ये नेता महाविकास आघाड़ी के नेताओं के संपर्क में हैं। सूत्रों के अनुसार ये लोग भाजपा से इस्तीफा देकर फिर कांग्रेस-एनसीपी व शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
भाजपा के लिए पार्टी के ओबीसी नेताओं की नाराजगी भी सिरदर्द बन रही है। सूत्रों के अनुसार एकनाथ खड़से के घर बृहस्पतिवार को ओबीसी नेताओं की बैठक भी हुई। खड़से खुलकर पार्टी के विरुद्ध बोल चुके हैं और पंकजा मुंडे ने ट्विटर से भाजपा से अपना जुड़ाव हटा दिया है।
दोनों नेताओं के शिवसेना के संपर्क में होने की चर्चा हैं। खड़से कह चुके हैं कि भाजपा में ओबीसी नेताओं को उचित स्थान नहीं दिया जा रहा और उनकी बेटी रोहिणी तथा पंकजा मुंडे की विधानसभा चुनाव में हार के पीछे पार्टी के नेताओं की कोशिश रही है।
अन्य नाराज नेताओं में चंद्रकांत बावनकुले और विनोद तावड़े का नाम शामिल हैं, परंतु अभी इन्होंने अपनी नाराजगी खुलकर नहीं दिखाई है। हालांकि बावनकुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओबीसी नेताओं से भाजपा में कोई अन्याय नहीं हुआ है और समय-समय पर उन्हें अनुकूल पद मिले हैं।