आयोग के मुताबिक आदिवासी मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30 द्वीपों को प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट हटाने के फैसले की पृष्ठभूमि के बारे में आयोग को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह के उप राज्यपाल ने आदिवासी मामलों के सचिव के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है।
यह समिति उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर हो रहे विदेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश की समीक्षा करेगी, साथ ही भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम सुझाएगी। यह समिति 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। साय ने हादसे को बेहद दुखते बताते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिक के शव को लाने के प्रयासों से द्वीप की शांति व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार 'उत्तरी सेंटिनल द्वीप की स्थिरता' को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इससे पहले अंडमान के उत्तर सेंटिनल द्वीप पर फिर से ‘प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट’ (आरएपी) लागू किया जा सकता है जिसके तहत बिना इजाजत के लोगों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं होती है।