कर्नाटक के कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी ने कहा है कि सिद्धारमैया फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं, बशर्ते कि गठबंधन साझेदार - कांग्रेस और जद (एस) - समन्वय समिति की बैठक में इस बारे में फैसला करें। बता दें कि सिद्धारमैया द्वारा फिर से मुख्यमंत्री बनने के बारे में टिप्पणी किए जाने पर कांग्रेस - जद (एस) गठबंधन के बीच सब कुछ ठीक नहीं रहने की अटकलों के तूल पकड़ने के कुछ दिनों बाद रेड्डी ने यह बयान दिया है।
राज्य में सरकार के भविष्य के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में रेड्डी ने कहा, 'हम सब ने सिद्धारमैया के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। हालांकि कांग्रेस के सत्ता में आने और उनके (सिद्धरमैया के) मुख्यमंत्री बनने की संभावना थी, पर यह सभी जानते हैं कि कुछ कारणों को लेकर हम बहुमत नहीं हासिल कर सके। इसलिए, उन्होंने फिर से मुख्यमंत्री बनने का मौका गंवा दिया।'
उन्होंने सोमवार को चामराजनगर में संवाददाताओं से कहा, 'मान लीजिए कि दोनों पार्टियां (कांग्रेस और जद - एस) समन्वय समिति की बैठक में एक साथ बैठती है और किसी बदलाव के लिए कुछ फैसला लेती हैं, तब बदलाव होगा।'
कांग्रेस विधायक और जद (एस) के पूर्व नेता चेलुवारया स्वामी ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने भी सिद्धारमैया का समर्थन किया है और पूर्व मुख्यमंत्री को अलग-थलग करने की कोशिश करने वालों की आलोचना की।
उन्होंने कहा, 'सिद्धारमैया को कोई भी अलग-थलग नहीं कर सकता। उनके पास नेतृत्व क्षमता है। कद्दावर शख्सियत वाले सिद्धारमैया ईमानदार हैं और उन्होंने काफी सारे अच्छे काम किए हैं।' उन्होंने कहा कि जाति आधारित राजनीति के चलते चुनाव नतीजे प्रतिकूल रहे लेकिन सिद्धारमैया के पांच साल के शासनकाल ने देशभर में सराहना बटोरी।
फिर से मुख्यमंत्री बनने से सिद्धारमैया को पार्टी के अंदर और बाहर अलग थलग किए जाने की कथित कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस ने 80 सीटें हासिल की। पार्टी में उन पर कोई सवाल नहीं उठा है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को हासन जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने कथित तौर पर कहा था कि यदि लोगों को इच्छा हुई तो वह फिर से मुख्यमंत्री बन जाएंगे। वहीं, सिद्धारमैया की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा है कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता है।