सैमसंग कर्मचारियों की हड़ताल एक महीने के बाद भी खत्म नहीं हुई है। यह विरोध थमता नजर नहीं आ रहा। आज विरोध-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और पुलिस के बीच आज झड़प हो गई। बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस ने सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
क्या है मामला?
दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग की फैक्ट्री तमिलनाडु में कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचतिरम में स्थित है। यह जगह पड़ता तो कांचीपुरम जिले में है, लेकिन कहलाता है चेन्नई का बाहरी इलाका। इस फैक्ट्री में 1500 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। वेतन बढ़ोतरी, वर्किंग आवर आठ घंटे करने, यूनियन को मान्यता देने जैसी मांगों को लेकर ये कर्मचारी नौ सितंबर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भूख हड़ताल पर जाने से एक दिन पहले तमिलनाडु में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) द्वारा 'रोड रोको' आंदोलन चलाया गया था।
इसलिए तनाव बढ़ा
सीटू से जुड़े सैमसंग कर्मचारियों ने 31वें दिन यानी आज कंपनी के श्रीपेरंबुदूर स्थित संयंत्र में अपनी हड़ताल जारी रखी। यहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। दरअसल, तनाव तब फैल गया, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी को जगह से हटने को कहा तो यह भड़क गए और हाथापाई करने लगे। माकपा की तमिलनाडु इकाई के अनुसार, सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सौंदरराजन और सीटू यूनियन के नेता को भी हिरासत में लिया गया।
इससे पहले, सौंदरराजन ने चेतावनी देते हुए कहा था, 'पिछले 30 दिनों में हमने किसी भी राजनीतिक दल को शामिल नहीं किया। अब जैसा कि हमने उनसे समर्थन मांगा और वे आने लगे। यह मामला राजनीति में बदल जाएगा। इसके कई राजनीतिक प्रभाव होंगे।'
तमिलनाडु सरकार ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से तुरंत काम पर लौटने और अन्य कर्मचारियों के कल्याण को ध्यान में रखने के लिए कहा था।
क्या बोले सौंदरराजन?
सौंदरराजन इससे पहले कह चुके हैं कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले मजदूरों को समर्थन देने का वादा किया था। इसके बावजूद मजदूरों की मदद के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। सरकार ने लगातार संघर्ष कर रहे मजदूरों के समर्थन में कोई प्रगतिशील कदम नहीं उठाया। 1972 में जब मजदूर लगातार विरोध प्रदर्शनों में शामिल थे, उस समय मुख्यमंत्री करुणानिधि ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की थी, फिर भी मजदूरों की जीत हुई थी। इस विरोध प्रदर्शन में भी यही स्थिति सामने आएगी।
सैमसंग ने क्या कहा था?
सोमवार को सैमसंग ने कहा था कि उसने विरोध को हल करने के लिए अपने कर्मचारियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, सीआईटीयू नेताओं ने आरोप लगाया कि सैमसंग प्रबंधन ने उन कर्मचारियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जो हड़ताल में भाग नहीं ले रहे थे। सीआईटीयू नेताओं ने यह भी कहा कि हड़ताल जारी रहेगी, क्योंकि उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार नहीं किया गया है।