चक्रवाती तूफान ताउते के बीच अरब सागर में डूबे टगबोट वरप्रदा के मालिक के खिलाफ मुंबई में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ है। टगबोट में सवार 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई थी। मौसम विभाग की तूफान को लेकर जारी चेतावनी के बावजूद वरप्रदा को हटाया नहीं गया था और उस पर काम जारी था।
अरब सागर में डूबने से टगबोट पर सवार 11 लोगों की हुई थी मौत
बार्ज पी 305 और वरप्रदा दोनों ही ओएनजीसी के तेल संयंत्र पर काम कर रहे थे। 17 मई को आए चक्रवाती तूफान ताउते के कारण ये दोनों जहाज समुद्र में समा गए थे। एक हफ्ते तक चले बचाव कार्य के बाद वरप्रदा पर सवार मुख्य अभियंता समेत दो लोगों को ही नौसेना के जवान बचा पाए थे।
मुख्य अभियंता की शिकायत पर ही येलो गेट पुलिस ने टगबोट के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, पुलिस की जांच जारी है।
बता दें, नौसेना के प्रवक्ता मेहुल कर्णिक ने कहा था कि, आईएनएस कोच्चि, आईएनएस कोलकाता समेत बड़े पोत खोज व बचाव अभियान से वापस लौट आए थे। पी-305 पर 261 और टगबोट वरप्रदा पर कुल 13 लोग सवार थे। पी-305 से 186 और वरप्रदा से दो लोगों को जीवित बचाया गया था। सात दिन तक चले खोज व बचाव अभियान में अरब सागर से 70 शव बरामद हुए थे।
इसके अलावा बीते दिनों में महाराष्ट्र रायगढ़ समुद्री तट से 8 और गुजरात के बलसाड़ तट से 8 शव बरामद किए गए थे। माना जा रहा था कि ये सभी शव पी-305 बार्ज के कर्मचारियों के हैं। नौसेना अधिकारियों ने हादसे के शिकार कुल 274 लोगों का आंकड़ा मिलाया। नौसेना का खोज व बचाव अभियान भले ही लगभग पूरा हो गया था लेकिन सभी शवों की पहचान न होने के कारण आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं की गई थी।