मनुष्य के शरीर में कोरोना संक्रमण और डीएनए के बीच गुप्त आनुवांशिकी संबंध को लेकर एक नया अध्ययन सामने आया है। वरिष्ठ आनुवांशिकी विज्ञानी इस बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए डीएनए खंगाल रहे हैं।
शोध से दवा निर्माण में मिलेगी बड़ी मदद:
इसमें सामने आया है कि बढ़ती उम्र भी कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है। लेकिन आनुवांशिकी विज्ञान से यहां नई आशा की किरण जागी है। डीएनए टेस्ट इस बीमारी के मरीज में यह पता लगाने के लिए कारगर हो सकता है कि पीड़ित को गंभीर और जरूरी उपचार की कितनी और कब जरूरत है। वहीं, इस बीमारी के प्रति असर दिखाने वाले कुछ जीन दवा बनाने में विशेषज्ञों को खास मदद कर सकते हैं।
किस मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत:
शोध में सामने आया कि किसी का रक्त समूह 'ए' टाइप है और अगर वह कोविड-19 से संक्रमित होता है। ऐसी स्थिति में मरीज को ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने की संभावना 50 फीसदी है।