पुणे की भोर विधानसभा सीट से तीन बार जीत हासिल कर चुके संग्राम थोपटे कांग्रेस के दिग्गज नेता अनंतराव थोपटे के बेटे हैं।थोपटे ने पिछले सप्ताह कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। संग्राम थोपटे ने कहा कि मैं एक कट्टर कांग्रेसी था। मैंने पार्टी और महाविकास अघाड़ी के लिए काम किया। लेकिन मेरे काम और निष्ठा को मान्यता नहीं मिली।
महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को करारा झटका लगा है। पूर्व कांग्रेस विधायक संग्राम थोपटे ने भाजपा का दामन थाम लिया है। थोपटे मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने थोपटे का पार्टी में स्वागत किया।
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पुणे की भोर विधानसभा सीट से तीन बार जीत हासिल कर चुके थोपटे को 2024 के विधानसभा चुनावों में एनसीपी उम्मीदवार शंकर मांडेकर ने हराया था। उनका परिवार कांग्रेस की परंपरा से जुड़ा हुआ है। थोपटे कांग्रेस के दिग्गज नेता अनंतराव थोपटे के बेटे हैं। उनके पिता ने भी भोर सीट से छह बार चुनाव जीता। वे एनसीपी (सपा) प्रमुख शरद पवार के कट्टर प्रतिद्वंद्वी थे।
थोपटे ने पिछले सप्ताह कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। संग्राम थोपटे ने कहा कि मैं एक कट्टर कांग्रेसी था। मैंने पार्टी और महाविकास अघाड़ी के लिए काम किया। लेकिन मेरे काम और निष्ठा को मान्यता नहीं मिली। मेरे पिता और मैंने पार्टी के लिए संघर्ष किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कांग्रेस की विचारधारा जमीनी स्तर तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के वफादार थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में काम करती है, इसलिए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है। थोपटे ने कहा कि मैं फडणवीस को कई वर्षों से जानता हूं, लेकिन मैंने कभी भी इस संबंध का राजनीति के लिए इस्तेमाल नहीं किया। अब मैंने भाजपा का दामन थाम लिया है।