महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण ईस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के डर से एक युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
मृतक की पहचान ऐस विश्वनाथ अमीन के रूप में हुई है, जो तिसगांव नाका स्थित सहजीवन सोसायटी में रहता था और एक निजी बैंक में वरिष्ठ पद पर कार्यरत था। परिजनों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसे एक आवारा कुत्ते ने पैर में काट लिया था, जिसके बाद उसने चिकित्सकीय सलाह लेकर एंटी-रेबीज के टीके भी लगवाए थे।
टीकाकरण के बावजूद रेबीज होने की आशंका से था परेशान
बताया जा रहा है कि टीकाकरण के बावजूद युवक रेबीज होने की आशंका को लेकर मानसिक रूप से बेहद चिंतित रहने लगा था। उसे लगातार इस बीमारी का डर सता रहा था और वह तनाव में था। परिवार के अनुसार, इसी भय और मानसिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले को आकस्मिक मृत्यु के रूप में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आवरा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में नाराजगी
घटना के बाद इलाके में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद महेश गायकवाड़ ने नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त हर्षल गायकवाड़ से मुलाकात कर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।