निधन की गलत खबरों के कारण एमडीएच मसाले के सीईओ धर्मपाल गुलाटी सुर्खियों में हैं। 99 वर्षीय धर्मपाल अब भी अपने काम में पूरी तरह सक्रीय हैं। वे रोजाना दफ्तर और फैक्ट्री जाकर काम करते हैं।
उनके मृत्यु की गलत खबरें आने के बाद इसका खंडन करते हुए उनके शुभचिंतकों ने बताया की वे बिलकुल स्वस्थ हैं और काम पर रोजाना आते हैं। जानिए 99 वर्षीय धर्मपाल गुलाटी से जुडी ये खास बातें।
आर्यसमाजी धर्मपाल
धर्मपाल पक्के आर्यसमाजी हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली में विश्व आर्यसमाज सम्मेलन आयोजित कराया था। इसमें दुनियाभर के कई देशों के लोगों ने शिरकत की थी।
स्वयं कंपनी के ब्रांड एंबेसडर
विश्व प्रसिद्द एमडीएच मसाले के प्रचार के लिए अपने कभी किसी बड़े अभिनेता या अभिनेत्री को नहीं देखा होगा। इसकी बड़ी वजह ये है की एमडीएच मसाले को धर्मपाल जी के होते हुए इसकी आवश्यकता महसूस नहीं हुई। लंबे समय से अपने मसालों के प्रचार में उनकी मौजूदगी अनिवार्य होती थी। एमडीएच के हर मसाले के पैकेट पर भी उनका फोटो जरूर होता है।
वार्षिक वेतन 24 करोड़
प्रसिद्ध धर्मपाल गुलाटी का वेतन कंज्यूमर प्रोडेक्ट जैसी कंपनियों में सबसे ज्यादा है। कंपनी की 80 फीसदी हिस्सेदारी भी उन्हीं के पास है। उनका कहना है कि वो अपने वेतन का 90 फीसदी हिस्सा चैरिटी में देते हैं।
प्रसिद्द पगड़ीवाले दादा जी
गुलाटी जी को लोग कई रूपों में जानते हैं। लोग उन्हें एमडीएच के पगड़ी वाले दादाजी कहते हैं। कुछ लोगों के लिए वो महाशय जी हैं।
परिवार
धर्मपाल जी के परिवार में एक बेटे और छह बेटियां हैं। उनका बेटा पूरे कारोबार के आपरेशंस को देखता है तो छह बेटियां रीजन आधार पर डिस्ट्रीब्यूशन देखने का काम करती हैं।
एमडीएच मसाले से पहले आजमाए कई कारोबार
धर्मपाल जी ने केवल पांचवीं तक की पढाई की थी। वो शुरू में अपने पिता के मसाले के बिजनेस से अलग व्यापार में हाथ आजमाना और सफल होना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सियालकोट में रहते हुए कई तरह के बिजनेस में हाथ आजमाया लेकिन वो किसी में सफल नहीं हो पाए।
कुल कारोबार
धर्मपाल जी की कंपनी महाशियां दी हट्टी कंपनी फिलहाल 1500 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा का है। उनके ग्रुप के पास 15 फैक्ट्रियां, 1000 डीलर्स हैं।