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Railways: 99.6 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक, जानिए किन पांच राज्यों में अभी बाकी है काम

Sun, 07 Jun 2026 05:50 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेलवे द्वारा प्रतिदिन करीब 25,000 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे से लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। वहीं, कवच प्रणाली के तहत 3,100 किलोमीटर से अधिक रूट किलोमीटर रेल मार्ग को कवर किया जा चुका है।
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भारतीय रेलवे। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारतीय रेलवे अपने पूरे ब्रॉड गेज (बीजी) नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा करने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है। रेलवे मंत्रालय उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा पहले ही विद्युतीकृत किया जा चुका है। 31 मई 2026 तक कुल 70,271 रूट किलोमीटर (आरकेएम) ब्रॉड गेज लाइनों में से 70,002 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जबकि नेटवर्क का केवल एक छोटा हिस्सा ही अब शेष बचा है।

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रेलवे विद्युतीकरण की शुरुआत वर्ष 1925 में हुई थी। जब देश की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन महाराष्ट्र में बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस और कुर्ला हार्बर के बीच 1,500 वोल्ट डीसी प्रणाली पर संचालित की गई थी। देश के 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने ब्रॉड गेज (बीजी) रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हासिल कर लिया है। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब विद्युतीकरण के लिए कोई भी रूट किलोमीटर लंबित नहीं है। इन रेल मार्गों पर प्रतिदिन करीब 25,000 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे से लगभग 741 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की। वहीं, कवच प्रणाली के तहत 3,100 किलोमीटर से अधिक रूट किलोमीटर रेल मार्ग को कवर किया जा चुका है। इसके अलावा, लगभग 24,400 किलोमीटर रेल मार्ग पर कवच प्रणाली के कार्यान्वयन का काम जारी है।

देश के केवल पांच राज्यों में ही रेलवे नेटवर्क के कुछ हिस्सों का विद्युतीकरण कार्य अभी जारी है। इन राज्यों में शेष बची कुल रेल लाइनों की लंबाई मात्र 269 रूट किलोमीटर (आरकेएम) है। इसके अलावा, सभी नई रेल लाइन और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को विद्युतीकरण के साथ ही स्वीकृति दी जा रही है और उनका निर्माण भी इसी व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।
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रेलवे मंत्रालय के अनुसार, केवल राजस्थान,तमिलनाडु,असम, कर्नाटक और गोवा में ही ब्रॉड गेज (बीजी) रेलवे नेटवर्क के कुछ हिस्सों का विद्युतीकरण अभी बाकी है। इन सभी राज्यों में लंबित रेल मार्गों की कुल लंबाई 269 रूट किलोमीटर (आरकेएम) है। राजस्थान में कुल 6,514 रूट किलोमीटर (आरकेएम) ब्रॉड गेज नेटवर्क में से 6,504 आरकेएम का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जबकि केवल 10 आरकेएम रेल मार्ग का विद्युतीकरण शेष है। इसी तरह तमिलनाडु  में 3,926 आरकेएम ब्रॉड गेज नेटवर्क में से 3,858 आरकेएम का विद्युतीकरण किया जा चुका है और 68 आरकेएम अभी बाकी है।

जबकि असम ने अपने 2,589 आरकेएम ब्रॉड गेज नेटवर्क का 98 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। कर्नाटक में 3,743 आरकेएम ब्रॉड गेज नेटवर्क का 97 प्रतिशत हिस्सा विद्युतीकृत हो चुका है। दूसरी ओर गोवा में कुल 187 आरकेएम ब्रॉड गेज नेटवर्क में से 171 आरकेएम का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। केवल 16 आरकेएम रेल मार्ग का विद्युतीकरण बाकी है।
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