सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) पर विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि 95 प्रतिशत पूर्व सैनिक नई पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। ये सभी ओआरओपी योजना से संतुष्ट भी हैं। समस्या 4 से 5 फीसदी पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिवार वालों को आ रही है जिसे दो महीने में सुधार लिया जाएगा।
रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने इस मामले से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि 1962, 1965 के युद्ध से जुड़े पूर्व सैनिकों और उसके परिवार के रिकार्ड में वैसी जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं, जो नई योजना के लिए जरूरी हैं। लिहाजा इन्हें ओआरओपी से नहीं जोड़ा जा सका है। परिकर के मुताबिक इसे दो महीने के भीतर दुरुस्त कर लिया जाएगा।
कथित तौर पर ओआरओपी नहीं मिलने के चलते पूर्व सैनिक राम सिंह ग्रेवाल की आत्महत्या के बाद विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि राजनीति करने वाले इस मुद्दे का भी राजनीतिकरण कर रहे हैं। इन्हें ओआरओपी से दिक्कतें हैं लेकिन पूर्व सैनिक इससे बहुत खुश और संतुष्ट हैं। परिकर ने कहा कि ये नेता राजनीति के चश्मे से मुद्दे को देख रहे हैं। वह पूर्व सैनिक की तरह नहीं सोच रहे।