ये तस्वीर तब की है, जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्
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नरेंद्र दामोदर दास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के मेहसाणा जिले के वडनगर में हुआ था। वह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ था। 2001 में वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 2014 में प्रधानमंत्री बने। 2019 में जब भाजपा फिर जीतकर आई और वे लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। पढ़ें, उनसे जुड़े किस्से...
1. बचपन में शिक्षक नरिया और दोस्त एनडी कहकर बुलाते थे
नरेंद्र मोदी की शुरुआती पढ़ाई वडनगर के बीएन हाईस्कूल से हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 9वीं, 10वीं और 11वीं में संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षक प्रह्लाद पटेल ने एक इंटरव्यू में पुरानी यादें ताजा की हैं। वे कहते हैं, 'मैं नरेंद्र को नरिया कहकर बुलाता था। वह क्लास में सच बोलने से कभी नहीं डरते थे। शरारती तो थे, लेकिन सभी शिक्षकों का सम्मान भी करते थे।' प्रधानमंत्री के बचपन के दोस्त जासूद भाई बताते हैं, 'बचपन में हम सारे दोस्त उन्हें एनडी कहकर बुलाते थे। जब वह मुख्यमंत्री बन गए तब भी हम लोगों की मुलाकात हुई। मैंने उन्हें एनडी कहकर बुलाया तो वह हंस पड़े।'
2. सेना में जाना चाहते थे
बचपन से ही प्रधानमंत्री मोदी में देशभक्ति का जज्बा था। वह बड़े होकर सेना में भर्ती होना चाहते थे। नरेंद्र मोदी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वह बचपन में जामनगर स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ाई करना चाहते थे, लेकिन पैसों के अभाव के चलते ऐसा नहीं हो सका। आठ साल की उम्र में ही मोदी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) जॉइन कर ली थी। 1978 में वह संघ के पूर्ण प्रचारक बन गए थे।
3. बिन बुलाए शादियों में जाते थे, करते थे शैतानी
प्रधानमंत्री मोदी ने बचपन का एक किस्सा साझा किया था। इसके मुताबिक, वह कई बार बचपन में बिना बुलाए लोगों की शादियों में चलते जाते थे और दो लोगों के बीच के कपड़ों में पिन लगा देते थे। ये देख वहां खड़े लोग हंसने लगते थे।
4. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी खुद ही कपड़ों को धोते थे
7 अक्तूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। इससे पहले वे संगठन में काम करते थे। संगठन में हर किसी को अपना काम खुद से करने की आदत थी। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मोदी ऐसा ही करते थे। यहां तक की वह अपने कपड़े भी खुद ही धोते थे।
5. जब अटल जी से बोले- मैं श्मशान में हूं
2001 की बात है। गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल की स्वास्थ्य रूप से कमजोर होने लगे थे। तब नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय संगठन मंत्री थे। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। अचानक अटल जी ने मोदी को फोन कर दिया। उस वक्त मोदी एक सीनियर कैमरामैन गोपाल बिष्ट के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए श्मशान घाट पर थे।
अटल जी ने पूछा- भई कहां हो? इस पर मोदी ने जवाब दिया कि 'मैं तो श्मशान घाट पर हूं।' फिर अटलजी ने कहा, तुम श्मशान में हो तो मैं तुमसे अभी क्या बात करूं। शाम को चाय पर आओ, फिर बात करते हैं।' जब मोदी ने अटल जी से मुलाकात की तो उन्होंने मजाक में मोदी से कहा, 'दिल्ली ने तुम्हें बहुत मोटा कर दिया है। तुम्हें गुजरात वापस जाना चाहिए।' इसके बाद ही मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया।
बताया जाता है कि तब आडवाणी मोदी के अनुभव को लेकर चिंतित थे। इसलिए उन्होंने पहले मोदी को उप-मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर मोदी ने आपत्ति जताई और एक सिरे से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर कमान देनी है तो पूरी तरह से दी जाए, नहीं तो किसी और को दे दें। हालांकि, बाद में सभी लोग मोदी की बात मान गए।
6. खाने में खिचड़ी पसंद है
मोदी को खाने में सबसे ज्यादा खिचड़ी पसंद है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, 'जो लोग सार्वजनिक जीवन में काम करते हैं, उनका जीवन बहुत ही अनियमित होता है। इसलिए यदि कोई सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना चाहता है तो उसे पेट से मजबूत रहना चाहिए। 35 साल से संगठन का काम देखते हुए मुझे देशभर में भ्रमण करना पड़ा। मुझे भोजन मांगना पड़ा और जो मिला मैंने उसे खाया। मैंने कभी लोगों से अपने लिए कुछ विशेष खाने की मांग नहीं की। मुझे खिचड़ी बहुत पसंद है, लेकिन जो मिल जाता है, मैं खा लेता हूं।'
7. दूरदर्शन के कैमरामैन की जान बचाई
बात 30 अगस्त 2016 की है। प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के जामनगर में सौनी योजना की शुरूआत करने पहुंचे थे। ये एक सिंचाई परियोजना है, जिससे सौराष्ट्र में पानी की किल्लत दूर हुई। मोदी को बांध से पानी का प्रवाह शुरू करने के लिए एक बटन दबाना था। इसी बीच उनकी नजर बांध की दूसरी तरफ गई। यहां दूरदर्शन के कुछ पत्रकार और कैमरामैन कार्यक्रम को कवर कर रहे थे। मोदी ने ये देखते ही चिल्लाते हुए हटने को कहा। जैसे ही कैमरामैन वहां से हटे, वहां तेज बहाव का पानी आ गया।
8. पतंगबाजी और एक्टिंग पसंद
नरेंद्र मोदी को पतंगबाजी करना काफी पसंद है। गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए वह पतंगबाजी का बड़ा महोत्सव कराते थे। उन्हें एक्टिंग करना भी काफी पसंद है। वह स्कूल में पढ़ते वक्त नाटकों में हिस्सा लेते थे।
9. लता मंगेशकर का गीत पसंद है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें ज्यादा फिल्मों का शौक नहीं है। हालांकि वह लता मंगेशकर के गीतों को पसंद करते हैं। उनका गाया गाना, 'हो पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े...' मोदी को काफी अच्छा लगता है।
10. आतापकाल में कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई
जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाई तब आरएसएस के प्रचारक के तौर पर नरेंद्र मोदी ने काफी लड़ाई लड़ी। पुलिस ने उन दिनों आरएसएस नेता केशव राव देशमुख को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। केशव राव के पास संघ के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। जिन्हें पाने के लिए मोदी ने रिस्क लिया। एक संघ के स्वयंसेवक की बहन की मदद से उन्होंने योजना बनाई और पुलिस से वो सारे दस्तावेज हासिल कर लिए।