असम में नौ साल के एक बच्चे ने गले में फांसी का फंदा डाल कर आत्महत्या कर ली। पुलिस का अनुमान है कि अपनी मां की ओर से आत्महत्या की तीन नाकाम कोशिशों को देख कर ही उस बच्चे को आत्महत्या करने का ख्याल आया।
मोरीगांव जिले के पुलिस अधीक्षक स्वप्नील डेका ने बताया कि तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे के माता-पिता दैनिक मजदूर थे और आपस में रोजाना झगड़ा करते थे। उसी दौरान उसकी मां ने तीन बार आत्महत्या करने का प्रयास किया था। इसी को देखकर बच्चे को आत्महत्या करने का ख्याल आया। उन्होंने बताया कि शव के शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं हैं। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यह घटना ऐसे समय हुई जब बच्चे के माता-पिता मजदूरी करने बाहर गए थे।