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भारत के हर शहर में मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस एजेंट बनाने वाले आतंकी गिरोह के 9 सदस्य दोषी करार

Sun, 13 Sep 2020 02:34 PM IST
अनवर अंसारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत के हर शहर में मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस एजेंट बनाने वाले आतंकी गिरोह के 9 सदस्य दोषी करार दिए गए हैं। एनआईए ने आतंकी संगठन आईएसआईएस के सबसे बड़े उस नेटवर्क की कड़ी तोड़ी थी, जिसके जरिए भारत में बड़े पैमाने पर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाना था। नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट में एनआईए के विशेष न्यायाधीश परवीन सिंह ने इस मामले में नौ अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। इन सभी दोषियों को 22 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी।

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आईएसआईएस षड्यंत्र के इसी केस में गत 6 अगस्त को भी छह अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया था। यह मामला एनआईए ने 9 दिसंबर 2015 को आईपीसी की धारा 125 और 18, 18 बी, यूए (पी) अधिनियम, 1967 की धारा 39 के तहत दर्ज किया था। 


इस केस की जांच में सामने आया था कि आईएसआईएस द्वारा भारत में बड़ी आपराधिक साजिश रची जा रही है। आईएसआईएस के लिए मुस्लिम युवाओं की भर्ती कर भारत के तकरीबन हर क्षेत्र में आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जाना था। इसके लिए बाकायदा एक भर्ती प्लेटफार्म तैयार किया गया था। इसमें हर तरह के लोग शामिल थे। यानी ऐसे लोग भी थे जो मुस्लिम युवाओं को धर्म के नाम गुमराह कर उन्हें आईएसआईएस की गतिविधियों में शामिल करते थे।
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इस केस में सोशल मीडिया प्लेटफार्म की जमकर मदद ली गई। इसके लिए अनेक फर्जी आईडी बनाई गई। जांच के दौरान जब विभिन्न शहरों में तलाशी ली गई तो 19 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। आरोपी व्यक्तियों ने जुनूद-उल-खिलाफा-फिल-हिंद (भारत में खलीफा को स्थापित करने की मांग करने वाला समूह और आईएसआईएस/आईएसआईएल के प्रति निष्ठा रखने का प्रयास) के नाम से एक संगठन बनाया था। 

इसका मकसद था कि मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस में काम करने के लिए भर्ती किया जाए। इनमें कई ऐसे आत्मघाती दस्ते भी तैयार किए जाने थे, जो एक इशारे पर कहीं भी आतंकी घटना को अंजाम दे सकते थे। भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने की जिम्मेदारी एक यूसुफ-अल-हिंदी @ शफी अरमार @ अंजन भाई के इशारे पर, जो सीरिया में स्थित है, को सौंपी गई थी।

बताया जाता है कि अंजन भाई कथित तौर पर आईएसआईएस का मीडिया प्रमुख रहा है। एनआईए ने अपनी जांच पूरी कर 2016-2017 में 17 आरोपियों के चार्जशीट दायर की थी। इनमें  दोषी अभियुक्त मोहम्मद नफीस खान, अबू हंस, नजमुल हुदा, मोहम्मद अफजल, सुहैल अहमद, मोहम्मद अबदुल्ला खान, मोहम्मद अलीम, मुफ्ती अब्दुस सामी कासमी और अमजद खान शामिल हैं।

एनआईए के मुताबिक, यह पहला ऐसा मामला था, जिसमें आईएसआईएस देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी। हैदराबाद (तेलंगाना) व बंगलूरू (कर्नाटक) में उनकी साजिश संबंधी बैठकों के संबंध में एनआईए ने तमाम साक्ष्य जुटाए थे। पुणे (महाराष्ट्र) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में भी ऐसी ही बैठकें आयोजित की गई थी।

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