सूखा प्राकृतिक है या लोगों द्वारा पैदा किया गया?
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कांग्रेस ने देश के 10 राज्यों में सूखे की स्थिति से निबटने के लिए मोदी सरकार के तौर-तरीकों पर सवाल उठाया। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सरकार का लोगों को राहत देने की बजाय बस, ट्रेन से पानी भेजकर फोटो सेशन पर ही अधिक ध्यान है। सिंघवी ने कहा कि इसी तरह से सरकार मनरेगा की भी अनदेखी कर रही है और अकेले मराठवाड़ा, विदर्भ में नौ किसान हर रोज आत्महत्या कर रहे हैं।
सिंघवी ने कहा कि 10 राज्यों में सूखे की स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की खिंचाई की और सरकार से पूछा है कि वह इसे राष्ट्रीय क्यों नहीं घोषित कर रही है। अभिषेक ने कहा कि मंगलवार को लातूर में दो रेलगाड़ी पानी के वैगन के साथ पहुंची, लेकिन वहां इससे 100 गुणा अधिक पानी की जरूरत है। सिंघवी ने सरकार की खिंचाई की और आरोप लगाया कि स्थिति से सही ढंग से निबटने के बजाय सरकार फोटो खिंचवाने तथा प्रचार-प्रसार में अधिक व्यस्त है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने केन्द्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में मनरेगा के मद में 22 करोड़ दिन काम के अवसर कम किए हैं। इसी तरह से गांव में पेयजल को लेकर आवंटित होने वाले बजट में कटौती की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का ही नतीजा है कि आज बैंक का एनपीए बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार आम आदमी, अकाल, पानी, गांव के मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं है।