राष्ट्रपति ने 3.73 लाख करोड़ की अनुपूरक अनुदान मांग को मंजूरी दी
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने केंद्र सरकार की 3.73 लाख करोड़ रुपये की अनुपूरक अनुदान मांग को मंजूरी दे दी है। सरकार ने इसके संबंध में संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश किया था। यह अनुदान की अनुपूरक मांगों का दूसरा बैच है, जिसे संसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से राज्यसभा और लोकसभा दोनों में पेश किए गए विनियोग (संख्या 5) विधेयक, 2021 के तहत पारित किया था।
शुक्रवार को जारी एक राजपत्र अधिसूचना में बताया गया कि विनियोग (संख्या 5) अधिनियम, 2021 को 12 जनवरी, 2022 को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी। इसके तहत केंद्र सरकार को भारत की संचित निधि से वित्तीय वर्ष 2021 के दौरान बजट व पूर्व में स्वीकृत अनुपूरक अनुदान मांगों के अलावा तीन लाख तिहत्तर हजार सात सौ इकसठ करोड़ रुपये के भुगतान अनुप्रयुक्त राशि जारी करने का अधिकार दिया गया है।
बजट 2021-22 में सरकार के कुल खर्च 34.83 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। अनुपूरक अनुदान मांगों के दूसरे बैच में स्वीकृत राशि में से एयर इंडिया का 62,000 करोड़ रुपये का कर्ज, 58,430 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी, 53,123 करोड़ रुपये निर्यात प्रोत्साहनों के लंबित भुगतान के लिए और 22,039 करोड़ रुपये राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कोष में डालने के लिए हैं।
रक्षा मंत्रालय को मिलेंगे 5,000 करोड़
वाणिज्य विभाग को ब्याज समानीकरण योजना के तहत सब्सिडी के खर्च और निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) योजना के तहत निवेश के लिए 2400 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। रक्षा और गृह मंत्रालयों को क्रमशः 5,000 करोड़ रुपये से अधिक और 4,000 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त खर्च के लिए देना तय किया गया है।