रविवार को देशभर में पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया गया। इस दौरान देश में पांच साल से कम उम्र के 89 लाख बच्चों को पोलियो ड्रॉप दिया गया। इसे पोलियो रविवार भी कहा गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार लगभग 7 लाख बूथों पर टीकाकरण किया गया, जिनमें लगभग 12 लाख वैक्सीनेटर और 1.8 लाख सुपरवाइजर थे। यह अभियान दो फरवरी तक चलेगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम है।
साथ ही बताया कि अगले दौर में बूथ गतिविधि के बाद घर-घर जाकर दो से पांच दिनों में उन बच्चों की पहचान होगी, जो बूथों पर टीकाकरण करने से चूक गए थे। इसमें कहा गया है कि बस टर्मिनलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और नौका पार करने के लिए टीकाकरण दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा जीवन-रक्षक खुराक से वंचित न हो।
मंत्रायल ने बताया कि कोरोना महामारी से बचने के लिए सभी उपाय किए गए हैं, जैसे कि बूथों पर भीड़भाड़ को रोकना, 2 मीटर की शारीरिक दूरी बनाए रखना, मास्क पहनना, हाथ धोना आदि का अच्छी तरह से प्रबंध किया है।
वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर 2021 के लिए पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। देश के तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पोलियो ड्रॉप अभियान की शुरूआत कर दी है। इसमें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, अंडमान निकोबार राज्य शामिल हैं।