महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर हंगामे के बीच संसद के मौजूदा शीत सत्र के दूसरे हफ्ते में राज्यसभा में 84 फीसदी काम हुआ है। दूसरे हफ्ते में उच्च सदन में कुल 23 घंटे 15 मिनट काम हुआ। इस दौरान बेहतर ढंग से हुए कामकाज के लिए सभापति एम वेंकैया नायडू और सदस्यों ने एक दूसरे को बधाई भी दी।
राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक उपलब्ध 26 घंटे 29 मिनट के समय में दूसरे सप्ताह के पहले ही दिन पांच घंटे 45 मिनट का समय महाराष्ट्र में राजनीतिक उलटफेर को लेकर हुए हंगामे में चले गए। हालांकि हंगामे के बावजूद इस दिन सदस्य 1 घंटा 31 मिनट अतिरिक्त सदन में बैठे।
इस पूरे हफ्ते में दो बार ऐसा हुआ जब सूचीबद्ध सभी 15 प्रश्नों के जवाब सदन में दिये गए। चार दिन चले सदन के लिए सूचीबद्ध कुल 60 प्रश्नों में से 43 पर चर्चा हुई। जिनमें से 71.66 का जवाब मौखिक रूप से सदस्यों द्वारा दिया गया।
इस हफ्ते में 26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर दोनों सदनों का संयुक्त सत्र होने के चलते मंगलवार को प्रश्न काल नहीं हुआ। यही नहीं सदस्यों ने दूसरे हफ्ते के दौरान शून्यकाल के दौरान रिकॉर्ड 51 मुद्दों पर चर्चा की और जनहित के 30 विशेष मुद्दे उठे। इस तरह शीत सत्र के पहले दो हफ्तों में कुल 89 फीसदी काम हुआ है।