उत्तर प्रदेश में दोबारा चुनाव लड़ रहे 311 विधायकों की औसत संपत्ति बीते पांच वर्ष में 82 फीसदी या औसतन 2.84 करोड़ रुपये बढ़ गई। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि फिर से चुनाव लड़ रहे विभिन्न दलों के 311 विधायकों की औसत संपत्ति वर्ष 2012 में 3.49 करोड़ रुपये थी, लेकिन इस साल यह 6.33 करोड़ रुपये है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उतर प्रदेश में इस बार दोबारा किस्मत आजमा रहे 311 विधायकों की औसत संपत्ति 2012 से 2017 के चुनावों के बीच 2.84 करोड़ रुपये बढ़ गई।
उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच और एडीआर द्वारा संयुक्त रूप से किए गए विश्लेषण के मुताबिक बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली की संपत्ति वर्ष 2012 से 2017 के बीच सबसे तेजी से बढ़ी। उनकी संपत्ति में 64 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। उनके बाद बसपा के ही नवाब काजिम अली खान की संपत्ति 40 करोड़ रुपये बढ़ी, जबकि सपा के अनूप कुमार गुप्ता की संपत्ति 35 करोड़ रुपये बढ़ी।
एडीआर के दलीय विश्लेषण के मुताबिक सपा के 162 विधायकों की औसत संपत्ति लगभग दो करोड़ रुपये बढ़ी, जबकि बसपा के 57 विधायकों की औसत संपत्ति लगभग चार करोड़ रुपये बढ़ी। भाजपा के 55 विधायकों की औसत संपत्ति दो करोड़ रुपये से अधिक बढ़ी, जबकि कांग्रेस के 19 विधायकों की औसत संपत्ति लगभग दो करोड़ रुपये बढ़ी।