सरकार ने बुधवार को बताया कि विदेशों की जेल में कैद भारतीय नागरिकों की संख्या 7890 हैं जिसमें विचाराधीन मामलों में बंद लोग भी शामिल हैं ।
लोकसभा में मीनाक्षी लेखी के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित भारतीय कैदियों की संख्या का ब्यौरा मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है क्योंकि कई देशों में मौजूद कड़े निजता कानूनों के कारण स्थानीय प्रशासन तब तक कैदियों के बारे में जानकारी साझा नहीं करते हैं जब तक संबंधित व्यक्ति ऐसी जानकारी प्रकट करने की सहमति नहीं दे देता है ।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि जो देश जानकारी साझा भी करते हैं, वे आमतौर पर दूसरे देशों के कैदियों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं देते हैं ।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि विदेश स्थित भारतीय मिशन/केंद्र स्थानीय कानूनों के उल्लंघन अथवा स्थानीय कानूनों के कथित उल्लंघन के मामले में वहां जेल में डाले गए भारतीय नागरिकों से संबंधित घटनाओं के प्रति सतर्क रहते हैं और उस पर करीबी नजर रखते हैं ।
मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में 1570 भारतीय नागरिक कैद हैं जबकि कतर में 439, पाकिस्तान में 524, नेपाल में 886, मलेशिया में 409, कुवैत में 460, इटली में 221, चीन में 157, बांग्लादेश में 123, संयुक्त अरब अमीरात में 1292, ब्रिटेन में 373 और अमेरिका में 267 भारतीय नागरिक कैद हैं ।
भारत से लगे अपनी सीमावर्ती क्षेत्र में चीन के अवसंरचना के विकास की जानकारी है: सरकार
सरकार ने बुधवार को कहा कि चीन द्वारा भारत की सीमा से लगे तिब्बत और शिनिजयांग के इलाकों में बुनियादी ढांचे का विकास किए जाने की जानकारी से वह अवगत है और भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले हर घटनाक्रम पर निरंतर नजर रखी जाती है तथा देश की संप्रभुता और भूभागीय अखंडता की रक्षा के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाते हैं।
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात से अवगत है कि चीन तिब्बत और शिनजियांग स्वायत्त क्षेत्र में भारत की सीमा से लगे इलाके में बुनियादी ढांचे का विकास कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले हर घटनाक्रम पर निरंतर नजर रखी जाती है तथा देश की संप्रभुता और भूभागीय अखंडता की रक्षा के लिए जरूरी कदम भी उठाए जाते हैं।