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गोद देने वाली संस्थाओं में अब तक 776 बच्चों की मौत, अकेले यूपी में 124 की मौत

Sat, 13 Jul 2019 06:29 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नईदिल्ली     
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new born baby - फोटो : social media
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गोद देने वाली संस्थाओं में अकेले उत्तर प्रदेश में 124 बच्चों समेत 776 बच्चों की मौत हुई है। शुक्रवार को महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा आकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।  
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यह सभी मौते राज्य के 19 बच्चा गोद देने वाली संस्थाओं में हुई है। गोद देने के लिए कानूनी कार्रवाई के बाद मुक्त बच्चों को विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी को देखभाल केलिए सौंपे जाते हैं। इन्हें सरकार और गैर सरकारी संगठन संचालित करते हैं। 

ईरानी ने कहा बाल दत्तक जानकारी और नियम प्रक्रिया के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 2016-17 से 2019 2020 के 8 जुलाई 2029 तक के आकड़ों के मुताबिक 776 बच्चों की मौत की सूचना है। इस संस्थाओं के खिलाफ अब तक कुल 10 शिकायतें भी मिली हैं। जिसमें इन संस्थाओं द्वारा दत्तक नियम  पालन न करने से संबधित थी।    
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इसके अलावा एक अन्य प्रश्न के जवाब में स्मृति ईरानी ने बताया कि राष्ट्रीय रिकार्ड ब्यूरों के मुताबिक  महिलाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न स्कीमों के चलते  महिलाओं में आत्महत्या के आकड़े लगातार घट रहे है। 2013 में 44246 महिलाओं ने आत्म हत्या की। जबकि 2014 में 42521 महिलाओं ने 2015 में 42088 महिलाओं ने आत्महत्या की है। जो गिरावट का संकेत है। 
 
स्मृति ईरानी ने बताया मंत्रालय द्वारा पिछले 5 सालों में महिलाओं के लिए किए गए कामों का परिणाम है कि महिलाओं की स्थितियों  में लगातार सुधार हो रहा है। इसमें हिंसा की शिकार महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर, महिलाओं के लिए अस्थायी आश्रय गृह, पुलिस सहायता, मनोवैज्ञानिक सलाह भी निशुल्क उपलब्ध है। 

जिसका असर उनके मानसिक दबाव की स्थिति को सुधारने पर पड़ा है। 506 ऐसे केंद्र काम कर रहेहैं। जहां एक छत के नीचे महिलाओं को सभी सुविधाएं मिल रही हैं। दूसरे स्वयं सहायता समूह, जैविक खेती और रोजगार केअन्य अवसर भी उनकी आय अर्जन में सहायक हो रहेहैं। इसकेचलते समाज में महिलाओं में हताशा का वातावरण लगातार समाप्त हो रहा है। 
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