वहीं भाजपा ने इस तेज मतदान को अपने पक्ष में बताया है। भाजपा प्रवक्ता सुदेश वर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश के पुराने समीकरणों को उलट कर रख दिया है। पहले तेज मतदान को सत्ताधारी दल के खिलाफ माना जाता था लेकिन नरेंद्र मोदी के आने के बाद कई बार यह साबित हुआ है कि तेज मतदान सरकार के कामों पर जनता की मुहर के रूप में तब्दील हो गई है। अपनी बात के समर्थन में वे मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव के आंकड़े देते हैं। दोनों दलों में किसके दावे पर जनता अपनी मुहर लगाती है, यह 11 दिसंबर को पता चलेगा जिस दिन मतगणना होगी।