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Karnataka: कर्नाटक में प्री-मानसून बारिश ने तोड़ा 125 साल का रिकॉर्ड, 60 दिनों में 71 लोगों की मौत

Sun, 01 Jun 2025 01:26 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में प्री-मानसून बारिश के चलते एक अप्रैल से 31 मई तक 71 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, 702 पशुओं की भी जान चली गई और 2,068 घरों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, 15378.32 हेक्टेयर फसलों को भी नुकसान हुआ है। 
 
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कर्नाटक में प्री-मानसून बारिश के चलते उफान पर नदी। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक में अप्रैल 2025 से अब तक हुई अत्यधिक प्री-मानसून बारिश ने पिछले 125 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। अधिक बारिश के कारण 71 लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने शनिवार को प्री-मानसून बारिश से हुई मौतों का आंकड़ा जारी किया। 

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अत्यधिक बारिश से हुआ जलभराव - फोटो : एएनआई
मई में 197 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, राज्य में आमतौर पर मई में 74 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 219 मिमी बारिश हुई, जो औसत बारिश से 197 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, 2025 की प्री-मानसून अवधि (1 मार्च से 31 मई) में, राज्य में आम तौर पर 115 मिमी बारिश होती है, लेकिन वास्तविक बारिश 286 मिमी हुई, जो औसत सामान्य बारिश से 149 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान राज्यभर में आंधी, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी हुईं। सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।

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कर्नाटक में बारिश के बीच गुजरते वाहन - फोटो : एएनआई
एक अप्रैल से 31 मई के दौरान बारिश से हुई 71 मौतें
सीएमओ के बयान में कहा गया है कि 1 अप्रैल से 31 मई की अवधि के दौरान, बिजली गिरने से 48, पेड़ गिरने से नौ, घर गिरने से पांच, डूबने से चार, भूस्खलन से चार और बिजली का झटका लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कुल मिलाकर बारिश के चलते 71 लोगों की जान चली गई। बयान में कहा गया है कि मृतकों के आश्रितों को 5 लाख रुपये का आपातकालीन मुआवजा वितरित किया गया है। 

कर्नाटक में बारिश के बाद घर में भरा पानी - फोटो : एएनआई
बारिश के चलते 702 पशुओं की भी हुई मौत
बयान में आगे कहा गया है कि बारिश के चलते 702 पशुओं की भी मौत हुई है। मरने वालों में 225 बड़े और 477 छोटे जानवर हैं। इनमें से 698 पशु हानि मामलों में संबंधितों को मुआवजा पहले ही वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा, 2,068 घरों को नुकसान पहुंचा है और 1,926 घरों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। बयान में बताया गया है कि 75 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 1993 को आंशिक नुकसान पहुंचा है। 

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बारिश से हुआ जलभराव - फोटो : एएनआई
15378.32 हेक्टेयर फसलों को पहुंचा नुकसान 
अधिकारियों ने बताया कि कुल 15,378.32 हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है। इनमें कृषि फसलें 11915.66 हेक्टेयर और बागवानी 3462.66 हेक्टेयर हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा सॉफ्टवेयर में दर्ज करने के लिए फसल क्षति का विवरण प्रदान किया गया है और मुआवजा भुगतान प्रक्रिया जारी है।

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