अत्यधिक बारिश से हुआ जलभराव
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मई में 197 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, राज्य में आमतौर पर मई में 74 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 219 मिमी बारिश हुई, जो औसत बारिश से 197 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, 2025 की प्री-मानसून अवधि (1 मार्च से 31 मई) में, राज्य में आम तौर पर 115 मिमी बारिश होती है, लेकिन वास्तविक बारिश 286 मिमी हुई, जो औसत सामान्य बारिश से 149 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान राज्यभर में आंधी, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी हुईं। सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।
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कर्नाटक में बारिश के बीच गुजरते वाहन
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एक अप्रैल से 31 मई के दौरान बारिश से हुई 71 मौतें
सीएमओ के बयान में कहा गया है कि 1 अप्रैल से 31 मई की अवधि के दौरान, बिजली गिरने से 48, पेड़ गिरने से नौ, घर गिरने से पांच, डूबने से चार, भूस्खलन से चार और बिजली का झटका लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कुल मिलाकर बारिश के चलते 71 लोगों की जान चली गई। बयान में कहा गया है कि मृतकों के आश्रितों को 5 लाख रुपये का आपातकालीन मुआवजा वितरित किया गया है।
कर्नाटक में बारिश के बाद घर में भरा पानी
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15378.32 हेक्टेयर फसलों को पहुंचा नुकसान
अधिकारियों ने बताया कि कुल 15,378.32 हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है। इनमें कृषि फसलें 11915.66 हेक्टेयर और बागवानी 3462.66 हेक्टेयर हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा सॉफ्टवेयर में दर्ज करने के लिए फसल क्षति का विवरण प्रदान किया गया है और मुआवजा भुगतान प्रक्रिया जारी है।
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