70 फीसदी मांसाहारी, लेकिन तेजी से शाकाहारी हो रहा है देश
- फोटो : getty
इसमें कोई दोराय नहीं कि भारत में चिकन और मछली का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर शाकाहारी बाजार ने भी अपनी पकड़ बना ली है। देश में 15 वर्ष से ऊपर की उम्र के 70 फीसदी लोग मांसाहारी भोजन करते हैं, वहीं शाकाहारी भोजन की मांग में भी इजाफा हुआ है। ये बातें साल 2014 में किए गए एक सर्वे में जाहिर की गई हैं। सर्वे रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से किया गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक साल 2004 में मांसाहारी भोजन करने वालों की तादात 75 फीसदी थी। जानकारों की मानें तो स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता और आए दिन सामने आ रही दिल की बीमारियां, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियां भारतीय खान-पान को बदल रही हैं।
कई अंतर्राष्ट्रीय शोधों में बताया जा चुका है कि शाकाहारी खाने वाले लोग मांसाहारियों की तुलना में ज्यादा स्वस्थ्य होते हैं। पेनक्रियाटिक कैंसर और श्वास संबंधी बीमारियां भी शाकाहारी लोगों में कम होती हैं।
चिकन के मामले में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार
70% of Indians eat non-veg, but veg diet ALSO getting popular
- फोटो : getty
जानकारों की मानें तो धर्मिकता और जीवन पद्धति में परिवर्तन भी शाकाहारी भोजन की बढ़ती मांग की वजह हो सकती है। वहीं न्यूट्री हेल्थ सिस्टम की मैनेजिंग डायरेक्टर और जानी-मानी न्यूट्रिनिस्ट डॉक्टर शिखा शर्मा बताती है कि लोगों की घर पर खाना बनाने की आदत खत्म होती जा रही है, लोग पैंकिंग वाले खाने को पसंद कर रहे हैं, इसलिए यह भी एक वजह है कि लोग शाकाहारी खाने को चुन रहे हैं।
हालांकि एनएसएसओ और ओईसीडी-एफएओ (ऑर्गनाइजेशन ऑफ इकोनॉमिक को-ओपरेशन एंड डिवेलपमेंट, यूएन फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन), एग्रीकल्चर आउटलुक 2014 की रिपोर्ट बताती है कि प्रति व्यक्ति भोजन खपत में गेंहू, चावल और चीनी के मुकाबले चिकन और मछली की खपत बढ़ी है। चिकन के मामले में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा खपत वाला देश बन गया है। ओईसीडी-एफएओ के 2014 के आंकड़ों के अनुसार साल 1992 से लेकर 2013 तक चिकन की खपत में सालाना 5.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में भाषण देते शाकाहारी भोजन को बढ़ावा देने की बात कही थी।