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राजस्थान: युवा मतदाताओं की सोच राजनीतिक दलों का चकरा देगी माथा

Tue, 23 Oct 2018 07:54 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
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EVM
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राजस्थान में सभी पार्टियों की निगाह युवा मतदाताओं पर है। युवाओं में जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर जोश दिखाई दे रहा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपना क्रेज बनाए हुए हैं। हेमजीत मालू के अनुसार मोदी का असर कम हुआ है लेकिन पूरी तरह से फीका नहीं पड़ा है। इसके समानांतर राहुल गांधी ने काफी कुछ गेन किया है। 
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चोमू के नवीन बिसारिया स्नातक हैं। उन्हें पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे लगते थे, लेकिन अब राहुल अच्छे लगने लगे हैं। नवीन पहली बार मतदाता के रूप में वोट डालने जाएंगे। बिसारिया का कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह से राफेल विमान को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोल रहे हैं, उसमें कुछ तो सच्चाई है।

यही स्थिति सीकर के नरेश की है। स्नातक की दो साल पढ़ाई करने के बाद उन्होंने घर का खर्चा चलाने के लिए टैक्सी चलाने का निर्णय ले लिया। नरेश का कहना है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस को वोट देंगे, लेकिन लोकसभा चुनाव में उनकी पसंद मोदी हैं। मोदी इस देश के बिगड़े हुए सिस्टम को सुधार रहे हैं। 
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मोदी कड़े फैसले लेने में हिचकते नहीं हैं। हालांकि हर रोज बढ़ रहा डीजल का भाव नरेश के लिए चिंता का सबब है। नरेश, नवीन जैसे युवा मतदाताओं को राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गरीबों के हित में काम करने वाली नहीं लगती। दोनों का यह भी कहना है कि हर बार मुख्यमंत्री बदल देने से नेताओं में सत्ता का नशा भी नहीं रहता। कांग्रेस के सचिन पायलट और अशोक गहलोत की तुलना में दोनों को उम्रदराज गहलोत ही अच्छे लगते हैं। कारण पूछने पर बताते हैं कि गहलोत के पास अनुभव है। पायलट अभी नए हैं। 
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67.5 लाख नये मतदाता

2018 के विधानसभा चुनाव में 67.53 लाख नये मतदाता जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग के एक एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहली बार मतदाता बने युवाओं का मतदान का प्रतिशत सबसे अधिक रहता है। 2018 के विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में कुल 4 करोड़ 74 लाख, 79 हजार 402 मतदाता हैं। 2013 में मतदाताओं की कुल संख्या 4 करोड़ 7 लाख, 26 हजार 144 थी। 

इनमें से महज 2 करोड़, 55 लाख, 80 हजार, 270 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया था। इसमें भी दिलचस्प है कि 163 सीट जीतने वाली भाजपा को 13939203 (45.17 प्रतिशत) वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर 21 सीट के साथ कांग्रेस पार्टी थी और कांग्रेस को कुल 10204694 (33.07 प्रति) मत ही मिले थे। इस तरह से 67.53 लाख नये मतदाता किसी भी दल का भाग्य बदलने की कूवत रखते हैं। 
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