राजस्थान में सभी पार्टियों की निगाह युवा मतदाताओं पर है। युवाओं में जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर जोश दिखाई दे रहा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपना क्रेज बनाए हुए हैं। हेमजीत मालू के अनुसार मोदी का असर कम हुआ है लेकिन पूरी तरह से फीका नहीं पड़ा है। इसके समानांतर राहुल गांधी ने काफी कुछ गेन किया है।
चोमू के नवीन बिसारिया स्नातक हैं। उन्हें पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अच्छे लगते थे, लेकिन अब राहुल अच्छे लगने लगे हैं। नवीन पहली बार मतदाता के रूप में वोट डालने जाएंगे। बिसारिया का कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह से राफेल विमान को लेकर प्रधानमंत्री पर हमला बोल रहे हैं, उसमें कुछ तो सच्चाई है।
यही स्थिति सीकर के नरेश की है। स्नातक की दो साल पढ़ाई करने के बाद उन्होंने घर का खर्चा चलाने के लिए टैक्सी चलाने का निर्णय ले लिया। नरेश का कहना है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस को वोट देंगे, लेकिन लोकसभा चुनाव में उनकी पसंद मोदी हैं। मोदी इस देश के बिगड़े हुए सिस्टम को सुधार रहे हैं।
मोदी कड़े फैसले लेने में हिचकते नहीं हैं। हालांकि हर रोज बढ़ रहा डीजल का भाव नरेश के लिए चिंता का सबब है। नरेश, नवीन जैसे युवा मतदाताओं को राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गरीबों के हित में काम करने वाली नहीं लगती। दोनों का यह भी कहना है कि हर बार मुख्यमंत्री बदल देने से नेताओं में सत्ता का नशा भी नहीं रहता। कांग्रेस के सचिन पायलट और अशोक गहलोत की तुलना में दोनों को उम्रदराज गहलोत ही अच्छे लगते हैं। कारण पूछने पर बताते हैं कि गहलोत के पास अनुभव है। पायलट अभी नए हैं।