देश में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर लोगों को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ता हैं। लेकिन इसके बाद भी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना बंद नहीं हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने के मामले में गुजरात पहले स्थान पर है। जहां प्रशासन के कार्रवाई करते हुए 65 हजार लोगों को पकड़ा है।
इस मामले में दूसरे स्थान पर राजस्थान है जहां शिक्षा संस्थाओं के 100 मीटर दायरे में धूम्रपान की सामग्री सबसे ज्यादा बेची जाती है। तंबाकू उत्पाद के सेवन पर कोटपा (सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट) अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई के चलते पिछले साल देश भर में 4 करोड़ 34 लाख 79 हजार रुपये का जुर्माना लोगों से वसूला गया।
पूर्वोत्तर के राज्यों ने बाकी राज्यों की तुलना में अच्छा प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश में सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कोटपा कानून पर राज्य सरकारें समय-समय पर कार्रवाई करती हैं।
हर साल दो लाख से ज्यादा लोगों की होती है मौत
तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण देश में हर साल दो लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा देते हैं। गुजरात में सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने पर 65 हजार 770 लोगों से 51 लाख 9 हजार 367 रुपए जुर्माना वसूला गया। जबकि 8 हजार 712 दुकानदारों के चालान काटे गए, क्योंकि इन्होंने 18 वर्ष से कम उम्र वालों को तंबाकू उत्पाद बेचा था।
हाल ही में सरकार द्वारा इस अधिनियम में बदलाव कर जुर्माने की राशि बढ़ा कर 1000 रुपये करने का प्रस्ताव किया गया था। फिलहाल, कोटपा अधिनियम में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पकड़े जाने पर 200 रुपये का जुर्माना है।