इंडियन नेवी की 6 महिला अफसर बीते साल 10 सितंबर को गोवा से समुद्र के रास्ते दुनिया की परिक्रमा पर निकली थीं। 18 हजार मील का सफर पूरा करने के बाद अब वह देश लौटने वाली हैं। आईएनएस तारिणी से सफर करने में टीम को चार जगह रुकना था। यह चार पड़ाव थे ऑस्ट्रेलिया का फ्रेमेंटले, न्यूजीलैंड का लीटेल्टन, फॉकलैंड आइलैंड का पोर्ट स्टेनली और दक्षिण अफ्रीका का केपटाउन। सोमवार को उनकी 55 फीट की आईएनएस तारिणी नौका भूमध्य रेखा को पार कर उत्तरी गोलार्ध में आ गई है।
इंडियन नेवी ने ट्वीट करके बताया कि तमाम मुश्किलों को पूरा करने के बाद अफसरों ने अपना सफर पूरा कर लिया है और अब वह जल्द ही देश लौटने वाली हैं। उन्होंने कहा कि आईएनएस तारिणी गोवा से महज 1012 नॉटिकल की दूरी पर है। नेवी के मुताबिक 2 मार्च तक सफर योजना के मुताबिक चल रहा था लेकिन टीम के मॉरिशस पहुंचते ही नाव खराब हो गई और उन्हें वहां के पोर्ट लुइस में रुकना पड़ा।
बता दें आईएनएस तारिणी एक आधुनिक नाव है, जिसे साल 2017 में नेवी में शामिल किया गया था। टीम ने गोवा के उत्तरी गोलार्ध तक 18 हजार नॉटिकल का सफर तय कर लिया है। इस टीम ने बेहद मुश्किल हालातों के बीच करीब 7 मीटर ऊंची लहरों का भी सामना किया। गौरतलब है कि नेशनल पॉलिसी में महिला सशक्तिकरण के तहत एक नाविक सागर परिक्रमा रखी गई थी। ताकि ऐसी महिलाओं का चुनाव हो सके जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं का नेतृत्व करें।
उनके साथ परिक्रमा पर कोई पुरुष नहीं था। मिशन के दौरान पूरी टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी ने किया। उनके साथ लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, लेफ्टिनेंट कमांडर पी स्वाती, लेफ्टिनेंट विजया देवी, लेफ्टिनेंट बी एश्वर्या और लेफ्टिनेंट पायल गुप्ता हैं।