स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मान पेंशन पाने के लिए सेनानी का कम से कम छह माह जेल में रहने का प्रमाण जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर उसके आश्रितों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता है।
हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि छह माह के कारावास की बात साबित नहीं की जा सकी।
याची संजाफी देवी ने अपने पति स्व. राजाराम यादव को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मानते हुए उसे पेंशन देने का दावा खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी।
राजाराम यादव को 18 अगस्त 1942 को ट्रेन डकैती के आरोप में जेल भेजा गया था। उनको आठ वर्ष कैद की सजा हुई थी। 25 जनवरी 1943 को वह रिहा कर दिए गए। कोर्ट ने कहा कि याची यह साबित नहीं कर सकी कि जेल की अवधि छह माह की थी।
केंद्र सरकार के वकील एके उपाध्याय का कहना था कि पेंशन पाने के लिए न्यूनतम छह माह का कारावास होना अनिवार्य है। याची के पति ने यह अवधि पूरी नहीं की है। याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई की।