भारत सरकार ने देश में पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने इस लड़ाकू विमान के प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए इच्छुक कंपनियों से रुचि पत्र मांगे हैं।
भारत सरकार ने देश में पांचवीं पीढ़ी के एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली इकाई एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने विमान के प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए हैं। बता दें कि इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एमसीए कार्यक्रम के 'कार्यान्वयन मॉडल' को मंजूरी दी थी। इस मंजूरी के तहत भारत सरकार और प्राइवेट कंपनियां दोनों संयुक्त रूप से लड़ाकू विमान बनाएंगी। पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट जीई-414 इंजन पर आधारित होंगे। इन्हें भारत में ही जीई लाइसेंस के तहत बनाया जाएगा।
विज्ञापन
एडीए ने 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट बनाने के लिए जारी किए गए अपने बयान में कहा, हमारा उद्देश्य भारतीय कंपनियों (भारतीयों के स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियां) को सूचीबद्ध करना है, जो विकास, प्रोटोटाइप के निर्माण, उड़ान परीक्षण का समर्थन और एएमसीए के प्रमाणन के लिए टेक्निकल रूप से मजबूत और सक्षम हैं।
इसमें कहा गया है कि एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में अनुभव रखने वाली प्रतिष्ठित भारतीय कंपनियों को इस परियोजना के लिए चुना जाएगा। चुने गए निकाय के पास विमान के शृंखलाबद्ध उत्पादन के लिए विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की क्षमता होनी चाहिए। एडीए ने कहा कि एएमसीए के विकास, प्रोटोटाइपिंग, उड़ान परीक्षण और प्रमाणन के लिए अनुबंध की अवधि, अनुबंध की प्रभावी तिथि से आठ वर्ष से अधिक नहीं होगी।
रेस में हैं ये कंपनियां
भारत सरकार द्वारा मांगे गए आवेदन की रेस में कई ऐसी देसी कंपनियां हैं जो रेस में हैं। सबसे आगे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, एल एंड टी, महिंद्रा एयरोस्पेस, डायनामेटिक टेक्नोलॉजीज, भारत फोर्ज, आजाद इंजीनियरिंग, गोदरेज एयरोस्पेस, अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस जैसी कंपनियां इस रेस में सबसे आगे है।