70, 80 और 90 के दशक में पले बढ़े लोगों के लिए टीवी सेट आने की खुशी का अंदाजा आज के जमाने के बच्चे नहीं लगा सकते। घर में पहले टीवी सेट आना और बाद में केबल का भी आ जाना किसी सपने से कम नहीं था। रविवार को धार्मिक कार्यक्रम देखने के लिए घर के सभी लोगों का टीवी सेट के आगे बैठ जाना, उस दशक को जीने वाले सभी लोग याद करते होंगे।
फिल्मी गानों से तो मानो पूरा दिन ही महक उठता था। आज की तरह नहीं कि हर चीज फोन पर हाजिर हो। परिवार के लोगों को भी अब साथ बैठने का वक्त कहां मिल पाता है। उस दौरान सबसे ज्यादा खुशी होती थी उस दोस्त के घर जाने की जिसके घर पर टीवी सेट होता था। भारत पाकिस्तान के मैच के बीच जब केबल चला जाए तो रोमांच कई गुना तक बढ़ जाता था।