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एक दशक में 5712 आतंकी हमलों से दहला जम्मू-कश्मीर

Sun, 26 Jun 2016 03:01 AM IST
अमित कुमार निरंजन/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं बदस्तूर जारी हैं। पिछले 11 सालों में औसतन एक भी दिन ऐसा नहीं गया जब इस प्रदेश की धरती लहूलुहान न हुई हो। इस दौरान 5712 आतंकवादी घटनाओं में 690 जवान शहीद हो चुके हैं। इन घटनाओं में 2385 आतंकवादी भी मारे गए। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में आतंकवादी घटनाओं में काफी कमी आई है।
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अमर उजाला को यह जानकारी गृह मंत्रालय से 4 जून को लगाई गई आरटीआई से मिली। 20 जून को मंत्रालय की जम्मू व कश्मीर डिवीजन ने 2006 से लेकर 2016 (12 जून) तक आतंकवादी वारदातों के बारे में जानकारी दी। आरटीआई के मुताबिक 2011 से 2016 तक 1258 आतंकवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 512 आतंकवादी मारे गए।

इस दौरान 206 जवान शहीद हुए। उधर 2006 से 2010 तक आतंकवादियों ने कश्मीर घाटी को 4454 बार दहलाया। जिनमें 484 जवानों ने शहीद होने से पहले 1873 आतंकवादियों को मार गिराया। पिछले  11 साल में वर्ष 2006 में सबसे ज्यादा 1667 आतंकी वारदात हुईं। उसमें सबसे ज्यादा 591 आतंकी मारे गए और 151 जवान शहीद हुए। सबसे कम 170 आतंकी घटना वर्ष 2013 में और 98 आतंकी घटना 2016 (12 जून) में हुई।
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उधर गृह मंत्रालय की वेबसाइट के आरटीआई सेल ने एक फाइल अपलोड की है। जिसमें 1989 से 2005 तक जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी घटनाओं का ब्योरा है, लेकिन 2005 से 2015 तक के आतंकी हमले का ब्योरा नहीं दिया गया है।

इस मामले पर सामरिक मामलों के विशेषज्ञ ने कहा कि मारुफ रजा पाकिस्तान कभी भी हमसे सीधी लड़ाई में नहीं जीत पाया है। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया उल हक ने रणनीति बनाई थी कि ‘बीट इंडिया वाया थाउजेंड्स कट’ यानी भारत को छोटे-छोटे घाव देकर ही जीता जा सकता है। इसी रणनीति के तहत पाकिस्तान कश्मीर घाटी में दहशत फैलाता है। वहीं दुनिया को ये घटनाएं छुटपुट नजर आती हैं।
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Published By Rahul Sankrityayan
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