अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को देशभर में 56,000 नए पेट्रोल पंप खोलने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। मोदी सरकार ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में पहली बार तेल कंपनियों को अपने पेट्रोल पंपों को विस्तार देने का मौका दिया है। रविवार को पेट्रोल पंप डीलरों ने देश के 56 हजार नए पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए आवेदन किया है। जिन इलाकों में डीलरों ने पेट्रोल पंप के लिए आवेदन किया है, वो उन इलाकों के 75-80 प्रतिशत हिस्से को कवर कर लेगी, जहां तेल कंपनिया पेट्रोल पंप खोलने की सोच रही हैं। हालांकि, इन पंपों के खुलने में 3 साल लग जाएंगे।
केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को दी मंजूरी
एक साथ इतने सारे पंप खोलने की योजना के बीच पेट्रोल पंप की क्वालिटी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंप खोलने को लेकर जितने भी आवेदन आते हैं, वो सभी बनकर तैयार नहीं हो जाते। डीलरशिप को लेकर कई दिक्कतें आती हैं। कभी जमीन, तो कभी कुछ और कारणों से पंप की डीलरशिप किसे देनी है, यह निर्णय लेने में समय लगता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में फिलहाल 62,585 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से सिर्फ 6,000 को प्राइवेट कंपनियां चलाती हैं। दूसरी तरफ, देश में ईंधन की मांग 2017-18 में 5 प्रतिशत बढ़कर 20.5 करोड़ टन हो गई।