सूबे के अधीनस्थ न्यायालयों में 500 न्यायालयों की स्थापना और 4800 पदों के सृजन की मंजूरी मिल गई है। इनमें 57 न्यायालय गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों में स्थापित होंगे। न्यायालयों के स्थापना से समय से न्याय मिलने और मुकदमों के बोझ कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।
शासन की तरफ से न्याय अनुभाग अधीनस्थ न्यायालय के प्रमुख सचिव रंगनाथ पांडेय ने छह जुलाई को पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने महानिबंधक, उच्च न्यायालय इलाहाबाद को भेजे पत्र में कहा है कि सूबे के अधीनस्थ न्यायालयों में 500 न्यायालयों की स्थापना की जा रही है। इसमें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के 100 न्यायालय, सिविल जज सीनियर डिवीजन के 100 और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 300 न्यायालय शामिल हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के न्यायालयों में 1100-1100 पद और सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में 2400 पद सृजित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में 57 न्यायालय खुलेंगे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालयों की बात करें तो गोरखपुर में दो, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, सिद्घार्थनगर और बस्ती जिले में एक-एक, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के न्यायालय गोरखपुर और कुशीनगर में दो-दो, बस्ती, देवरिया, महराजगंज, सिद्घार्थनगर, संतकबीरनगर में एक-एक कोर्ट खुलेगा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के न्यायालय बस्ती, महराजगंज, सिद्घार्थनगर में 5-5, देवरिया, कुशीनगर में 8-8, गोरखपुर जिले में नौ खुलेंगे।