योगी सरकार में दलित उत्पीड़न से आहत 50 परिवारों ने हिन्दू धर्म त्याग दिया। उन्होंने रामगंगा नदी में देवी मूर्ति विसर्जित कर दीं और कहा कि वह जल्द ही आस पड़ोस के जिलों के करीब 500 परिवारों के साथ दूसरा धर्म अपना लेंगे।
धर्म परिवर्तन के ऐलान की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एलआईयू की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अफसरों को जानकारी है।
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय मुख्य संचालक लल्ला बाबू द्रविड़ के नेतृत्व में करीब 50 परिवारों के लोग जिगर कालोनी के पास रामगंगा नदी में पहुंच गए। उन्होंने हिन्दू धर्म के देवी देवतों की मूर्ति नदी में विसर्जित कर दी। लल्ला बाबू द्रविड़ ने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद दलित समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है।
सहारनपुर, संभल व अन्य जिलों में ऐसी घटनाएं सामने आई है। मुरादाबाद में आरटीओ दफ्तर पर बीजेपी कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने दलितों पर गोलियां चलाईं। इसके बाद दलितों पर ही केस दर्ज कर दिया गया है, लेकिन पुलिस ने बीजेपी नेता के खिलाफ केस दर्ज किया। बीजेपी विधायक और मंत्रियों के दबाव में दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया और दलितों पर दर्ज केस खत्म नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह जल्द ही इस्लाम धर्म अपना लेंगे। इस दौरान लल्ला बाबू द्रविड़ के साथ भावाधस के जिला संयोजक विशाल सरन, सुरेश, रमेश, संजय, बाबू, सौरभ, विशाल समेत अन्य लोगों भी मौजूद रहे।
पहले सपा में रहकर की गुंदागर्दी, अब भगवा अंगोछा डालकर बन गए भाजपाई
लल्ला बाबू द्रविड़ ने बताया कि जो खुद को सपाई बताकर गुंडागर्दी कर रहे थे, अब वो ही भगवा अंगोछा डालकर भाजपाई बन गए हैं। ठेकेदारी और अवैध वसूली शुरू कर दी गई है। दलितों को उत्पीड़न किया जा रहा है।