अगले साल उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का मसौदा इलाहाबाद में तैयार होगा। संगम नगरी में 12 एवं 13 जून को होने वाली भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में इन पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में चर्चा होगी। पार्टी का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश में होने वाला विधान सभा चुनाव है। इन पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में किसे क्या करना है उस पर भी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चर्चा होगी।
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शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट किया की दो दिवसीय बैठक में तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक के एजेंडे क्या हैं उसपर रविवार की सुबह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में वार्ता होगी। उसके बाद वे एजेंडे रविवार की शाम से शुरू होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में रखे जाएंगे। भूपेंद्र यादव ने बताया कि अभी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को सभी राज्यों में सफलता मिली है। यह सफलता अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी बरकरार रहे, उस पर हमें फोकस करना है।
इसके पूर्व मीडिया से हुई बातचीत में राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शाम पांच बजे केपी कालेज ग्राउंड में शुरू होगी। इसके उद्घाटन सत्र को पीएम मोदी और अमित शाह संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि दक्षिण के सात राज्यों केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों में पार्टी की मजबूती के लिए क्या किया जाए, इस पर भी कार्यकारिणी में फोकस किया जा सकता है। भूपेंद्र यादव के मुताबिक केंद्र की मोदी सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों की मुख्य चर्चा के साथ संगठनात्मक मामलों के एजेंडा के साथ तीन राष्ट्रीय प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। इसमें बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं एवं जनमानस से विकास के बारे में चर्च होगी।
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बैठक का समापन 13 जून को होगा। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परेड मैदान में परिवर्तन रैली को संबोधित करेंगे। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि कार्यसमिति एवं रैली से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे बढ़कर लोगों को संकल्प दिलाएं
- फोटो : PTI
वहीं भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाग लेने आए पार्टी महासचिव पी मुरलीधर राव ने प्रयाग के प्रबुद्धजनों के साथ मिल उनके मन की बात जानी। बैठक के दौरान संगमनगरी के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, न्यायधीशों ने केंद्र सरकार से शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने, व्यवस्थागत भ्रष्टाचार रोकने, स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर भ्रष्टाचार के खिलाफ भी प्रधानमंत्री को आगे आकर पहल करने की बात कही। इस दौरान भाजपा महासचिव ने प्रबुद्घजनों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार लगातार चुनौतियों से टकराने का काम कर रही है। जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक परिणाम आएंगे।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने आए भाजपा महासचिव ने स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. निरंजन सिंह की पहल पर इलाहाबाद के प्रबुद्धजनों के साथ संवाद स्थापित किया। विषय प्रवर्तन करते हुए न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने सुझाव दिया कि केंद्र सरकार विशेष तौर प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर भ्रष्टाचार के खिलाफ भी अपनी ओर से लोगों को आगे बढ़कर जागरूक करें, संकल्प दिलाएं अपनी पहल का असर दिखाई पड़ेगा। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि के कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने कहा कि वर्तमान दौर में भ्रष्टाचार सिस्टम से जुड़ गया है। इसको रोकने के लिए बिजनेसमैन, नेता एवं ब्यूरोक्रेट का गठबंधन तोड़ना होगा। चुनाव सुधार लागू किया जा सकेगा, इसके लिए स्टेट फंडिंग की जरूरत है। उन्होंने चुनाव सुधार के क्रम में परिवारवाद को भी खत्म करने की बात कही।
न्यायमूर्ति अंशुमान सिंह ने शिक्षा के व्यावसायीकरण को रोकने, मंडल कमीशन की समीक्षा करने एवं आरक्षण नीति पर सरकार की मंशा प्रकट करने की मांग की। इविवि पूर्व कुलपति प्रो. आरपी मिश्र ने कहा कि सरकार स्मार्ट सिटी की बात कर रही है, हमें सबके विकास की बात करनी चाहिए। इस बात पर पी मुरलीधर राव ने कहा कि कुछ राजनीतिक मजबूरी है, इसके चलते सरकार के हाथ बंधे हैं, उन्होंने कहा कि सबके लिए शिक्षा की व्यवस्था किए बिना देश का विकास संभव नहीं है।
इविवि के कुलपति प्रो. आरएल हांगलू ने कहा कि आज शहर से दो किमी की दूरी पर स्थित हमारे गांव 1947 के गांव ही दिखाई पड़ते हैं। उन्होंने हर स्तर पर भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात कही। इस दौरान अपनी बात रखने वालों में प्रो. योगेश्वर तिवारी, डॉ. एके सिंह, राधाकांत ओझा, डॉ. आनंदशंकर सिंह,डॉ. आरसी मिश्र, प्रो. संजीव भदौरिया ने अपनी बात रखी। अतिथि का स्वागत डॉ. नरेंद्र सिंह गौर ने किया।