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इसरो को लगा बड़ा झटका, लॉन्च होने के 48 घंटे बाद ही GSAT-6A से टूटा संपर्क

Sun, 01 Apr 2018 01:04 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
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जीसैट-6ए सैटेलाइट
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (इसरो) ने गुरुवार को जीसैट-6ए सैटेलाइट लॉन्च की थी। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी कम्युनिकेशन सैटेलाइट माना जा रहा था। जिसमें मिलिट्री एप्लीकेशन लगे थे। इस सैटेलाइट में तकनीकी खराबी होने की आशंका जताई जा रही है। लॉन्च होने के 48 घंटे बाद ही इसरो का सैटेलाइट से संपर्क टूट गया है। इसे भारतीय सेना के साथ ही वैज्ञानिकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस सैटेलाइट को भारतीय सेना के लिए संचार की सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण किया गया था। 

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इसरो की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सफलतापूर्वक काफी देर तक फायरिंग के बाद जब सैटेलाइट तीसरे और अंतिम चरण के तहत 1 अप्रैल 2018 को सामान्य ऑपरेटिंग की प्रक्रिया में था, इससे हमारा संपर्क टूट गया। सैटेलाइट GSAT-6A से दोबारा संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश की जा रही है। सैटेलाइट को लेकर आखिरी बुलेटिन 30 मार्च की सुबह 9.22 बजे जारी किया गया था। 

इसरो से जुड़े सूत्रों का कहना था कि उपग्रह में तकनीकी खराबी आ गई है और वैज्ञानिक इंजीनियर इसको दूर करने में जुटे हुए हैं। इसरो की ओर से यह नहीं बताया गया है कि सैटेलाइट में आई खराबी को ठीक किया जा सकता है या नहीं। बता दें कि जीसैट-6ए एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट है और इसको तैयार करने में 270 करोड़ रुपए का खर्च आया है। इसका मुख्य तौर पर इस्तेमाल भारतीय सेना के लिए किया जाना है। यह सैटेलाइट बेहद सुदूर क्षेत्रों में भी मोबाइल संचार में मदद करेगी। इससे पहले 31 अगस्त 2017 में भी पीएसएलवी से IRNSS 1H उपग्रह की लॉन्चिंग असफल हो गई थी।
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जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद इसरो के चेयरमैन के. सिवान का ये पहला प्रोजेक्ट था। उन्होंने ही सेटेलाइट के अपनी कक्षा में स्थापित हो जाने की घोषणा की। ये सेटेलाइट वर्ष 2015 में लांच किए गए जीसेट-6 के साथ मिलकर एडवांस तकनीक के विकास के लिए प्लेटफार्म साबित होगा।
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