सरकार ने बंद के कारण की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की
गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सरकार ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है और कहा है कि वह "20 मई को ग्वालटाबी चेकपोस्ट के निकट मणिपुर शिरुई उत्सव को कवर करने के लिए मीडियाकर्मियों को ले जा रही सुरक्षाकर्मियों और मणिपुर राज्य सड़क परिवहन बस से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच करेगी।"
इसमें कहा गया है, "समिति किसी चूक की जांच करेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय सुझाएगी।" इसमें कहा गया है कि आयुक्त (गृह) एन अशोक कुमार और सचिव टीएच किरण कुमार सिंह वाली समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
डीजीपी, मुख्य सचिव और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग
घटना पर आक्रोश के बीच, सीओसीओ ने बुधवार आधी रात से 48 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से माफी मांगने तथा सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, डीजीपी राजीव सिंह और मुख्य सचिव प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग की। सीओसीओएमआई के संयोजक खुरैजम अथौबा ने कहा, "मणिपुर को राज्य बस से हटाने का निर्णय मणिपुर विरोधी है, यह मणिपुर के विचार और इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को पूरी तरह से चुनौती देता है।"
उन्होंने कहा, "मणिपुर के लोग यह जानना चाहते हैं कि किसके अधिकार के तहत यह निर्णय लिया गया। इसे 48 घंटे के भीतर जनता के सामने स्पष्ट किया जाना चाहिए।" शिरुई लिली महोत्सव दो वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित किया जा रहा है। मैतेई और कुकी समुदाय के बीच चले लंबे जातीय संघर्ष बुरी तरह प्रभावित राज्य, राष्ट्रपति शासन के बीच सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फरवरी में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।