झारखंड के दो बड़े अस्पतालों में 146 और गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में 296 बच्चों की मौत चौंकाती है। महज एक महीने में देश के दो बड़े राज्यों में 442 बच्चो की मौत हो गई है। चौंकाने वाली बात ये है कि इन बच्चों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है। लेकिन अब बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों दवा, इलाज और डॉक्टर की व्यवस्था होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो रही है?
अगस्त महीने में झारखंड राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में 103 और जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल में 41 बच्चों की मौत हो गई । झारखंड के तीन मेडिकल कालेजों में महज आठ महीनों में 1000 से भी अधिक बच्चों की मौत हो गई है। झारखंड में आदिवासियों में कुपोषण एक बड़ी समस्या है।
इस कारण सरकार यहां डबल फोर्टिफाइड नमक राशन दुकानों पर देती हैं। इसमें विशेषतौर पर आयरन मिलाया जाता है ताकि गर्भवती महिलाओं को आयरन की कमी न हो और बच्चे स्वस्थ रहें। तमाम इंतजामों के बाद भी आज भी कुपोषण इतनी बड़ी समस्या क्यों बनी हुई है? जबकि झारखंड सरकार काफी समय से कुपोषण से लड़ने के लिए व्यापक कदम उठाती आ रही है।