बिजनेस में घाटा होने और बीमारी से परेशान एक शख्स ने आत्महत्या करने से पहले अपने सात साल के बेटे को जान से मार दिया। वह अपने बेटे से बहुत ज्यादा प्यार करता था और चाहता था कि उसके मरने पर बेटा दुखी ना हो। इसी वजह से पहले उसने बेटे को मार दिया फिर अपनी कलाई की नस काटकर आत्महत्या की कोशिश की। मगर वह खुद बच गया और बेटे की मौत हो गई। आरोपी पिता के खिलाफ केस दर्ज करके पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को वडपलानी स्थित
मोबाइल फोन के शोरूम में 42 साल के गुजराती
बिजनेसमैन उर्मिल डोलिया ने बेटे को मारने के बाद आत्महत्या कर ली। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया जबकि पिता को आईसीयू में भर्ती किया गया। पुलिस पूछताछ में उर्मिल ने बताया कि वह अपने बेटे से बहुत प्यार करता था और नहीं चाहता था कि उसके मरने के बाद उसका बेटा माधव अकेला रह जाए। इस वजह से उसने शोरूम में काम करने वाले कर्मचारी वसंत को जल्दी घर भेज दिया।
कर्मचारी को भेजने के बाद आरोपी बेटे को शॉपिंग के बहाने घर से लेकर गया। देर रात तक जब दोनों घर नहीं पहुंचे तो उर्मिल की पत्नी ने वसंत को फोन करके शोरूम में देखने के लिए कहा। जब वसंत शोरूम पहुंचा तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई क्योंकि पिता और बेटे वहां खून से लथपथ पड़े थे। जिसके बाद रात के 1.10 बजे पुलिस को फोन किया गया और दोनों को एसआईएमएस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने माधव को मृत घोषित कर दिया और उर्मिल को आईसीयू में भर्ती करवाया गया। पुलिस को शक है कि पारिवारिक विवाद के कारण उर्मिल ने ऐसा फैसला उठाया।