फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा में 41 सदस्यों ने नौ भाषाओं में ली शपथ, जेटली फिर सदन के नेता बने

Tue, 03 Apr 2018 08:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

राज्यसभा में 41 सदस्यों ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। इनमें पुराने सदस्यों के साथ कई नए सदस्य विभिन्न राज्यों से चुनाव जीतकर पहुंचे हैं। मंत्रियों में दुबारा राज्यसभा पहुंचने वालों में अरुण जेटली को छोड़कर सभी ने शपथ ले ली है। राज्यसभा के सभापित एम. वेंकैया नायडू ने सदन को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुण जेटली को पुन: सदन का नेता नामित किया है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में शपथ ग्रहण के दौरान सदस्यों ने नौ भाषाओं में शपथ ली।

विज्ञापन


यूपी से सर्वाधिक आठ सदस्य शपथ ग्रहण में शामिल हुए

उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक आठ सदस्य राज्यसभा पहुंचे हैं जिसमें अनिल अग्रवाल, अशोक वाजपेयी, अनिल कुमार जैन, श्रीमती कांता कर्दम, शाकलदीप, विजय पाल सिंह तोमर और हरनाथ सिंह यादव शामिल हैं। यूपी से पहुंचे भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने तेलगू में शपथ ली। उत्तराखंड से भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी भी राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने वालों में शामिल हैं।

आंध्र प्रदेश से सीएम रमेश और रविंद्र कुमार ने तेलगू में शपथ ली। बिहार से छह सदस्यों में मनोज कुमार झा, अहमद अशफाक करीम, डॉ. महेंद्र प्रसाद, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, अखिलेश प्रसाद सिंह और बशिष्ठ नारायण सिंह शामिल हैं। छत्तीसगढ़ से भाजपा की सरोज पांडेय ने शपथ ली। सरोज पांडेय के पैर में फ्रैक्चर के चलते उन्होंने अपने स्थान पर ही खड़े होकर शपथ ली।
विज्ञापन


गुजरात से चार सदस्यों में मंत्री मनसुख एल. मांडविया और राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के अलावा कांग्रेस के नारायण भाई जेमलाभाई राठवा और अमी याजनिक ने शपथ ली। पुरुषोत्तम रूपाला ने गुजराती में शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री जगत नारायण नड्डा हिमाचल से शामिल हैं। कर्नाटक से आए राजीव चंद्रशेखर ने कन्नड़ भाषा में शपथ ली।

मध्यप्रदेश से पांच सदस्यों में मंत्री थावर चंद गहलोत और पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान के अलावा राजमणि पटेल, अजय प्रताप सिंह और कैलाश सोनी ने शपथ ली। मंत्री गहलोत ने संस्कृत में शपथ ली। महाराष्ट्र से चुनाव जीतकर आने वाले छह सदस्यों में वी. मुरलीधरन को छोड़कर एनसीपी की श्रीमती वंदना चौहान, मंत्री प्रकाश जावेड़कर, अनिल देसाई, केशव केटकर और नारायण राणे मराठी में शपथ लेने वालों में शामिल थे।

पश्चिम बंगाल से पहुंचे पांच सदस्यों में अबीर रंजन बिश्वास, सुभाशीष चक्रवर्ती और शांतनु सेन बांगला में मो. नदिमुल हक ने उर्दू और कांग्रेस के डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने हिंदी में शपथ ली। सिंघवी को छोड़कर बंगाल से आए सदस्य पारंपरिक पोशाक धोती-कुर्ता पहनकर पहुंचे थे।

पहली बार सदन में आए नए सदस्यों को पहले ही दिन शोरशराबे का नजारा देखने को मिला। शपथ ग्रहण समाप्त होते ही विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए जिसके चलते सदन स्थगित कर दिया गया। दलित उत्पीड़न, बैंक घोटाला, कावेरी जल विवाद और विशेष राज्य के दर्जे को लेकर सदस्य वेल में उतरे थे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें