नौकरी के लिए विदेश जाने वाले चार हजार से ज्यादा लोगों ने पिछले आठ साल में आत्महत्या कर दी। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। सबसे ज्यादा आत्महत्याएं खाड़ी देशों में हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 1122 आत्महत्याएं संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब में 1024, कुवैत में 425, ओमान में 351, बहरीन में 180 और कतर में 165 भारतीयों ने आत्महत्या की है। 2014 के बाद से अब तक कुल 4005 भारतीय विदेशों में आत्महत्या कर चुके हैं।
खाड़ी देशों को छोड़ दें तो मलेशिया में 254, इटली में 65, ऑस्ट्रेलिया में 33, कनाड़ा में 30 और अमेरिका में 19 भारतीयों ने आत्महत्या की है। विदेश मंत्रालय के मुताबकि, इस सभी हत्या या आत्महत्याओं के पीछे पारिवारिक या व्यक्तिगत कारण निकलकर सामने आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अन्य देशों की अपेक्षा खाड़ी देशों में कड़े नियमों के कारण कामगर अधिक दबाव में रहते हैं, इसलिए आत्महत्या का एक कारण यह भी हो सकता है। हालांकि, विदेश मंत्रालय का कहना है कि विदेश में काम करने वाले भारतीय कामगरों को प्राथमिकता पर रखा जाता है। उनकी शिकायतों व समस्याओं का तुरंत निपटारा किया जाता है।