पंजाब में सात दिवसीय औसत पहले के मुकाबले बढ़ गया है। ये पहली लहर के बाद 509 फीसदी तक बढ़ गया है, जो कि राष्ट्रीय औसत से लगभग आठ गुना ज्यादा है। किसान आंदोलन का केंद्र रहे पंजाब में 27 जनवरी वाले हफ्ते के अंत तक कोरोना के 181 दैनिक मामले आते थे। लेकिन फरवरी के पहले हफ्ते से मामले धीरे-धीरे बढ़ते रहे, जिसके बाद अचानक से मामलों का सात दिवसीय औसत बढ़ गया।
पंजाब के बाद महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है, जहां कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 11 फरवरी के बाद से महाराष्ट्र में 331 फीसदी तक मामलों में बढ़ोतरी हुई है। महाराष्ट्र में औसतन दैनिक मामले 2,415 से बढ़कर 10,410 हो गए। महाराष्ट्र में अब तक 22 लाख से ज्यादा लोग संक्रमण के शिकार हैं तो वहीं 52,610 मरीजों ने अपनी जान गंवा दी है।
इसके अलावा हरियाणा में किसान आंदोलन की वजह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। पंजाब, महाराष्ट्र के बाद तीसरे नंबर पर हरियाणा आता है। इस राज्य में सात दिवसीय औसत 302 फीसदी तक बढ़ गया है। इसके अलावा मध्यप्रदेश और दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं।
पिछले हफ्ते भारत में हुए कोरोना के परीक्षण में औसतन 2.6 फीसदी सैंपल पॉजिटिव पाए गए। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा बताए गए सकारात्मकता दर यानी पांच फीसदी से काफी कम है लेकिन चिंता की बात यह है कि ये फिर से बढ़ रही है। एक महीने से भी कम, देश में औसतन साप्ताहिक सकारात्मकता दर बढ़ रही है।
सकारात्मकता दर का बढ़ना इसलिए चिंता की बात है क्योंकि जानकारों का मानना है कि ये दर मामलों में बढ़ोतरी को बताती है। ये दर्शाता है कि सामान्य लोगों में सिर्फ मामले बढ़ नहीं रहे हैं बल्कि तेज गति से फैल भी रहे हैं।
देश में सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं और ये चिंता की बात है। कोरोना के दैनिक संक्रमित मामलों में से ठीक हुए मामलों को घटाकर जो मामले सामने आते हैं, वो सक्रिय मामलों को दर्शाते हैं। इससे हमें ये पता चलता है कि देश में इन लोगों में मौजूदा समय में कोरोना वायरस संक्रमण है। सक्रिय मामलों में तेजी और गिरावट पर निगरानी करना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये वायरस के वास्तविक संक्रमण को बताता है।
सक्रिय मामलों में सात दिनों का औसत पिछले 20 दिनों से सकारात्मक है। 17 फरवरी से पहले 80 दिनों के लिए, सक्रिय मामले नकारात्मक संख्या में आते थे। इसका मतलब यह था कि अगर सप्ताह देश में सक्रिय मामलों में गिरावट देखी जा रही थी। लेकिन पिछले हफ्ते देश में रोजाना 2,251 सक्रिय मामलों को दर्ज किया गया है।