मध्य प्रदेश के उज्जैन में बृहस्पतिवार शाम को अचानक चली तेज आंधी और भारी बारिश ने सिंहस्थ कुंभ मेले में तबाही मचा दी। इससे एक साधु समेत सात लोगों की मौत हो गई और करीब 80 लोग घायल हो गए। एक तरफ प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रभावित लोगों का हालचाल जाना, लेकिन दूसरी तरफ उनके कैबिनेट सहयोगी पारस जैन ने मीडिया से कहा कि छोटी-मोटी घटनाएं तो होती रहती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताया।
जानकारी के मुताबिक आंधी के चलते मेला क्षेत्र में लगाए गए कई पंडाल गिर गए। दत्त अखाड़ा और चिंतामन इलाके में पंडाल गिरने से छह लोग अपनी जान गवां बैठे। घायलों में भी ज्यादा संख्या इन्हीं इलाकों की है। वहीं, एक की मौत अन्य जगह पर हुई। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में इलाज के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन के सामने नई चुनौती शुक्रवार को अमावस्या को होने वाली पंचकोशी यात्रा और पर्व स्नान की है। इस यात्रा में करीब 25 लाख लोगों के उज्जैन पहुंचने की संभावना है।
दरअसल बृहस्पतिवार को हुई बारिश और आंधी से मेला क्षेत्र में सरकार के सारे इंतजाम चौपट हो गए हैं। अधिकांश पंडाल खेतों में लगाए हुए हैं, लेकिन वहां भारी बारिश के चलते कीचड़ और गंदगी हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘ कुंभ मेले में हुए हादसे में गई लोगों की जान के लिए दुखी हूं। ईश्वर, पीड़ित परिवारों को इस दुख से उभरने की हिम्मत दे। उन्होंने घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना भी की।
शंकराचार्य भी फंसे
मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश इतनी तेज थी कि द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद को भोपाल और इंदौर के बीच ही ठहरना पड़ा।