इराक के मोसुल शहर से जून 2014 में अगवा किए गए 39 भारतीय अभी भी जिंदा हैं। तीन अरब देशों बहरीन, सऊदी अरब और कतर के मध्यस्थों ने अपहृत भारतीयों के जिंदा होने की पुष्टि की है। पुष्टि करने वालों में दो देशों के राष्टï्राध्यक्ष भी हैं। इनकी सूचना है कि अपहरण करने वाले आतंकी संगठन आईएस इन भारतीयों को आतंकी गतिविधियों के इतर कई तरह के काम में लगा रखा है। गौरतलब है कि इस आतंकी संगठन की चंगुल से भागे एक भारतीय हरजीत मसीह ने दावा किया था कि सभी अपहृतों को मार डाला गया था। हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लगातार मसीह के दावे का खंडन करती रही हैं। बीते हफ्ते भी अपहृतों के परिजनों से मुलाकात में सुषमा ने सभी भारतीयों के जिंदा होने का दावा किया।
दरअसल इन अपहृतों को आईएस के चंगुल से छुड़ाने के लिए भारत विभिन्न देशों के अलाव इन देशों में मध्यस्थों के भी संपर्क में है। मध्यस्थ लगातार सूचना दे रहे हैं कि आईएस ने अब तक इनमें से किसी की हत्या नहीं की है। बीते दिनों नाम समिट में शिरकत करने गए विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को भी कई अरब देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अपहृत भारतीयों के जीवित होने की सूचना दी। यह भी कहा जा रहा है कि अपहृत भारतीय आईएस के एक विशेष गुट के कब्जे में है। मध्यस्थों के माध्यम से लगातार उक्त विशेष गुट से संपर्क साधने के प्रयास किए जा रहे हैं।