तमिलनाडु में भारी बारिश एवं बाढ़ के चलते अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें तूतुकुड़ी में 22 और तिरुनेलवेली जिले में 13 मामले शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित दक्षिणी जिलों में बचाव अभियान पूरा हो चुका है और अब हम बुनियादी सेवाओं की बहाली पर ध्यान दे रहे हैं।
मुख्य सचिव शिव दास मीणा ने शनिवार को कहा कि दक्षिणी तमिलनाडु में 17 से 19 दिसंबर के बीच हुई भारी बारिश से कुछ जिलों में संचार लाइनें खराब हो गई हैं। बचाव एवं राहत अभियान के तहत वायुसेना ने एमआई -17वी5 और एएलएच-ध्रुव से तूतुकुड़ी जिले में शनिवार को 12 अलग-अलग स्थानों पर 11 टन से अधिक राहत सामग्री गिराई। अब तक 59 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से गिराई गई जा चुकी है। तूतुकुड़ी जिले में शनिवार को तमीराबारानी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के कारण श्रीवैकुंटम बांध लबालब हो गया है। दक्षिणी तमिलनाडु के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के बाद तूतुकुड़ी जिले के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की गई है।
तमिलनाडु में बारिश से प्रभावित तटीय जिले तूतुकुड़ी के एसआईपीसीओटी औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस के साथ एनडीआरएफ की एक टीम ने फंसे लोगों को बचाया। इस दौरान टीम ने नाव से बाढ़ प्रभावित महिलाओं और बच्चों को बचाया और उन्हें भोजन उपलब्ध कराया।
सरकारी अस्पताल भी डूबे
तूतुकुड़ी का सरकारी अस्पताल बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यन ने कहा कि तिरुनेलवेली, तूतुकुड़ी, तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में बारिश के कारण कुल 64 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 261 स्वास्थ्य उप-केंद्र प्रभावित हुए हैं। श्रीवैकुंटम और एराल सहित 50 स्थानों पर रविवार को बड़े चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे।
एंटोनियारपुरम के पास पुल टूटने से बनी बाढ़ की स्थिति
अत्यधिक बारिश के दौरान राजमार्ग पर एंटोनियारपुरम के पास एक पुल टूट गया था, जिससे बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि तूतुकुड़ी-तिरुचेंदूर मार्ग पर एराल और अट्टूर में पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। श्रीवैकुंटम, अट्टूर, एराल, अगरम और कयालपट्टिनम क्षेत्रों में भी राहत एवं पुनर्निर्माण का काम जारी है। जिले में बाढ़ से हुए नुकसान का केंद्रीय टीम पहले ही निरीक्षण कर चुकी है।